कोतवाली क्षेत्र के गांव बुर्राफरीदपुर में दीया बुझाने के लिए आगे बढ़ी किशोरी के कपड़ों में आग लग गई। इससे वह झुलस गई। इलाज को ले जाते वक्त किशोरी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
हादसा बुधवार तड़के करीब चार बजे का है। बुर्राफरीदपुर निवासी राकेश की 16 वर्षीय पुत्री ऊषा अपनी बहन के साथ कमरे में सो रही थी। शाम को कमरे में दीया जलाया गया, लेकिन घरवाले उसे बुझाना भूल गए थे। जाग होने पर दीया बुझाने के लिए ऊषा ने अलमारी की ओर हाथ बढ़ाया, तभी दीया उसके ऊपर गिर पड़ा। दीया गिरते ही ऊषा के कपड़ों ने आग पकड़ ली। चीख पुकार सुन परिवार के लोग आग बुझाने की कोशिश करते उससे पहले ही ऊषा के शरीर का अधिकांश हिस्सा झुलस चुका था।
गंभीर रूप से झुलसी ऊषा को लेकर घरवाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। डॉ. निरंजन सिंह ने उसे 80 फीसदी तक झुलसी बताकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज को बदायूं ले जाते वक्त उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। हादसे के दौरान कमरे में रखा सामान भी जल गया। घरवालों ने हादसा बताते हुए शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया। दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।