सूखा, बाढ़, आकाशीय बिजली, आंधी-तूफान जैसी तमाम दैवी आपदाएं झेलने वाले अन्नदाता को जब अपनी जमीन हाथों से जाते नजर आने लगती है, तो वह अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लेता है, जबकि तमाम किसान तो जान से प्यारी अपनी जमीन को जाने के डर से ही दम तोड़ देते हैं। कुछ ऐसी ही घटना दबतोरी क्षेत्र के गांव ललुआनगला के किसान 58 वर्षीय रामस्वरूप शर्मा के साथ हुई। बैंक कर्ज का नोटिस मिले के 10 घंटे गुजरने से पहले ही हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई, जबकि गांव में उनकी दिलेरी की बातें हर कोई कर रहा है।
बिसौली तहसील क्षेत्र के गांव ललुआनगला के किसान रामस्वरूप के पास करीब 25 बीघा जमीन है। साथ ही वह गांव में आटा चक्की भी लगी हैं। खेती में फायदा न होने पर रामस्वरूप ने 18 दिसंबर 2010 को केसीसी पर 1.76 लाख रुपये का कर्ज सर्व यूपी ग्रामीण बैंक दबतोरी शाखा से लिया था। जो अब ब्याज को जोड़कर दो लाख 43 हजार 451 रुपये कर्ज हो गया था। फसलों के बेहतर उत्पादन न होने की वजह से वह केसीसी की धनराशि समय से जमा नहीं कर पा रहा था। इस वजह से बैंक शाखा की ओर से 19 जून को नोटिस जारी किया था, जो रजिस्टर्ड डाक से शनिवार को करीब चार बजे के करीब उनके पास पहुंचा। बैंक कर्ज का नोटिस आने के बाद रामस्वरूप को अपनी जमीन खोने का डर सताने लगा। आटा चक्की से भी ऐसी आमदनी नहीं कि कर्ज की धनराशि को चुकाया जा सके। यह बात उनके दिल में घर कर गई। इसी ऊहापोह में शनिवार की रात को करीब 12 बजे उनके सीने में तेज दर्द हुआ। इसके चंद मिनटों बाद उनकी मौत हो गई। मृतक के घरवालों ने बैंक और तहसील प्रशासन को सूचना दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
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किसान की मौत हो जाने की सूचना मिल गई है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकता है।
- गुलाब चंद्र, एसडीएम, बिसौली