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...म्याऊ में शिक्षक बन रहे लुटेरों का निशाना

Tue, 30 Jun 2015 08:04 PM IST
Dataganj
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पिछले कुछ माह से थाना अलापुर के गांव म्याऊ में दिनदहाड़े लूट और छिनैती की घटनाएं बढ़ गई हैं। लूट के शिकार अधिकतर सरकारी कर्मचारी हो रहे हैं। यह घटनाएं पुलिस चौकी से मात्र कुछ मीटर की दूरी पर होती हैं। पुलिस तहरीर तो ले लेती है, लेकिन न रिपोर्ट दर्ज करती है और न ही घटनाओं के खुलासे में दिलचस्पी दिखाती है।   
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सोमवार को नवीगंज गांव के रिटायर्ड फौजी राजपाल सिंह बैंक से नौ हजार सात सौ रुपये निकालकर बैग में रखकर बस पर चढ़े थे। तभी बाइक पर सवार दो युवक आए और झपट्टा मारकर उनका बैग ले उड़े। उनके हाथ में बैग की तनी ही रह गईं। पेंशन की किताब भी उसी में ही थी। 20 दिन पहले ही नवीगंज निवासी शिक्षक गिरधारी सिंह बैंक से दस हजार रुपये लेकर पैदल बस की ओर जा रहे थे कि रास्ते में बाइक सवार युवकों ने उनका बैग छीन लिया। इससे पहले गांव असधरमई के शिक्षक रामपाल श्रीवास्तव बैंक से 40 हजार रुपये लेकर विक्की से आ रहे थे। रुपये उन्होंने कपड़े के थैले में रख रखे थे। यह पुलिस चौकी से मात्र कुछ मीटर की दूरी पर थे कि बाइक सवार आए और वह थैला छीनकर भाग गए।
करीब  एक माह पहले नवीगंज निवासी शिक्षक सत्यभान सिंह बैंक से 40 हजार रुपये लेकर बस की ओर आ रहे थे कि बाइक सवार लड़कों ने इनके भी रुपये छीन लिए। यह तो मात्र नवीगंज और उससे सटे असधरमई गांव के लोगों से घटी घटनाएं हैं। अलापुर क्षेत्र के गांव बिलहरी के एक शिक्षक से भी 50 हजार रुपये छीने जा चुके हैं। सभी घटनाओं की तहरीर पुलिस को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।  शायद यही वजह है कि दिनदहाड़े लूट की इस तरह घटनाओं को अंजाम दे रहे बाइक सवार बदमाश बेखौफ हो रहे हैं।  
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बताते हैं कि कई अन्य लोगों से भी इसी  तरह की घटनाएं हुईं हैं। खासकर पैठ वाले दिन अवश्य ही कोई न कोई घटना होती  है। लोगों का मानना है कि अकस्मात अपराध को नहीं रोका जा सकता है, लेकिन  सिलसिलेवार एक ही तरह की घटनाएं हो तो निश्चित तौर पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठना लाजिमी है।
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