सीएचसी पर डिलीवरी के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि सुविधा शुल्क न मिलने पर प्रसव पीड़ा से कराहती महिला और उसके तीमारदारों को गालियां देकर अस्पताल से भगा दिया गया। पीड़िता के ससुर ने अस्पताल स्टाफ के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाली क्षेत्र के गांव सिद्धपुर निवासी कुमरपाल की गर्भवती पत्नी रामलली की डिलीवरी को लेकर गांव की ही आशा मंजू सरकारी अस्पताल आई थी। रविवार रात जब महिला को दर्द उठा तो स्टाफ नर्स ने अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। आरोप है कि उसने पांच हजार की डिमांड रखी। जिसे पूरा कर पाने में परिवार वालों ने असमर्थता जताई। गंभीरावस्था में स्टाफ ने रात को लगभग नौ बजे दर्द से तड़पती गर्भवती रामलली और उसके परिवार वालों को गालियां देते हुए अस्पताल से भगा दिया। परिवार वाले दुहाई देते रहे लेकिन स्टाफ का दिल नहीं पसीजा। मजबूर होकर परिवार वाले रामलली को लेकर एक निजी नर्सिंग होम पर पहुंचे, जहां रात में ही उसने एक पुत्र को जन्म दे दिया। पीड़िता के ससुर कल्लू ठेकेदार ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस बारे में सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवनीत सिंह ने बताया कि सीएचसी पर किसी की ओर से पैसे की डिमांड नहीं की जाती है यदि किसी ने भी ऐसा किया तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।