प्रधान डाकघर में पिछले साल फर्जी एटीएम कार्ड बनाकर बंद और सक्रिय खातों से करीब 72 लाख रुपये के गबन के मामले में विभाग के अफसरों ने मुख्य आरोपियों से वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गबन में उस वक्त पोस्टमास्टरों समेत 13 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। इनमें प्रधान डाकघर के दो सिस्टम मैनेजर भी शामिल थे। सस्पेंड चल रहे सिस्टम मैनेजर श्रीकांत वर्मा और अरविंद कुमार के खिलाफ आरसी काट दी गई है। दोनों से 67 लाख 22 हजार रुपया वसूला जाएगा।
मामला 22 जून-2016 को सामने आया था। बड़े ही शातिर अंदाज में किए गए गोलमाल में जांच के दौरान यह बात भी सामने आई थी कि प्रधान डाकघर में तैनात तीन सिस्टम मैनेजरों ने जिले के उप डाकघरों में बंद पड़े खातों को एक पोस्टमास्टर की आईडी हैक कर प्रधान डाकघर में ट्रांसफर कर लिया था। ऐसे खातों की संख्या 38 थी। डाटा माईग्रेशन के दौरान खातों को सक्रिय कर लिया गया था। इन खातों में करीब चार करोड़ रुपये की फर्जी बैलेंसिंग कर ली गई थी। बाद में ऐसे खाताधारकों के नाम से एटीएम कार्ड बनवाए गए फिर उन्हें एक साजिश के तहत आरोपियों ने अपने पास रख लिया था लेकिन आरोपी गलती यह कर बैठे कि उन्होंने छह सक्रिय खातों को भी अपने दायरे में ले लिया था। ऐसे खाता धारकों में बदायूं के नाहर खां सराय मोहल्ले की सुनीता देवी और कादरचौक के गांव ककोड़ा के रामस्वरूप शामिल थे, जो बाद में इस गोलमाल के खुलासे का जरिया बने।
जांच में करीब 71 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हो जाने के बाद महकमे ने चार राउंड में 13 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया था। जांच डाक अधीक्षक रामबाबू मिश्रा ने पांच सदस्यीय टीम से कराई थी। अब, डाक अधीक्षक ने पिछले दिनों सिस्टम मैनेजर श्रीकांत वर्मा और अरविंद कुमार को 67 लाख 22 हजार रुपये के गबन का दोषी करार देकर प्रत्येक से बराबर धनराशि की रिकवरी के लिए आरसी डीएम को भेज दी है। आरसी में सस्पेंड चल रहे दोनों सिस्टम मैनेजरों की अचल संपत्ति का उल्लेख भी कर दिया गया है। हालांकि वसूली को लेकर पसोपेश बना हुआ है लेकिन सूत्रों की मानें तो दोनों आरोपियों पर महकमे का शिकंजा मजबूत होता जा रहा है।
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सस्पेंड कर्मियों में छह लोग बहाल, एक ने कर लिया था सुसाइड बदायूं। प्रधान डाकघर में लाखों रुपये के गबन के मामले में महकमे ने जिन 13 कर्मियों को सस्पेंड किया, उनमें सात कर्मचारियों ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) इलाहाबाद की शरण ली थी। इनमें छह कर्मियों को सीएटी के आदेश पर बहाल कर दिया गया। इसके अलावा गबन में नाम शामिल होने की भनक लगते ही सिस्टम मैनेजर सचिन वर्मा ने सुसाइड कर लिया था।
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वर्जन
पूरा मामला डाक अधीक्षक के संज्ञान में है। गबन के मामले में आरसी जारी हो चुकी हैं। रिकवरी के लिए कार्रवाई चल रही है। इसके बारे में डिटेल मुझे नहीं मालूम है।
- एके जैन, सहायक डाक अधीक्षक