जांच करने गई टीम ने सभी प्रतिष्ठानों से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन संबंधी पूछताछ की। अधिकारी से सैंपल न लेने का कारण पूछा गया तो उनका कहना था कि अभी सिर्फ निरीक्षण किया है, और दुकानदारों को पंजीकरण की ऑनलाइन व्यवस्था पर जानकारी दी है।
एक अन्य सवाल के जवाब में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि अवैध सुहाना गुटखा पर उनकी टीम पहे ही कार्रवाई कर चुकी है। साथ ही अधिकारी ने सफाई देते हुए कहा कि टीम पर शंका नहीं की जानी चाहिए, अगर खाद्य पदार्थों में मिलावट मिलेगी तो सेंपल भर भरे जाएंगे और कार्रवाई भी होगी।
तीन दूधियों को मिलावट में सजा
बदायूं। दो दूध व्यापारी पर मिलावटी दूध का आरोप साबित होने पर दोनों को दो साल की जुर्माना सहित सजा सुनाई गई है। ये सजा सीजेएम द्वितीय की अदालत ने सुनाई। ये दोनों दूध व्यापारी उझानी के किशन पाल और मनोहर हैं। इसके अलावा जगत के एक अन्य दूध व्यापारी होतम सिंह को डेढ़ साल की सजा व पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।