पिछले दिनों हरियाणा के यमुना नगर में बारहवीं के छात्र द्वारा अपने प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या किए जाने जैसी घटना की पुनरावृत्ति शनिवार को हो सकती थी। बांके बिहारी लॉ कॉलेज में चल रही एलएलबी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दे रहे पुष्पांशु को सेंटर इंचार्ज वीरेंद्र कुमार ने नकल करने से रोका तो परीक्षा के बाद उसने साथियों के साथ कालेज गेट पर उन पर गोलियां चला दीं। गनीमत रही कि उन पर किया गया सीधा फायर मिस हो गया। इसके बाद अन्य शिक्षक घटना स्थल की ओर दौड़े वह फायर करते हुए भाग खड़ा हुआ। पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सेंटर इंचार्ज वीरेंद्र कुमार के अनुसार दोपहर दो बजे के आसपास उन्होंने पुष्पांशु शर्मा को नकल करते देखा। पहला मामला होने की वजह से उन्होंने रस्टिकेट करने के बजाय कॉपी छीन ली। इसके बाद पुष्पांशु परीक्षा कक्ष से निकल कर बाहर चला गया। आरोप है कि उसने फोन करके दोस्तों को बुला लिया। उसके दोस्त कार से कॉलेज गेट पर पहुंचे। परीक्षा के बाद सेंटर इंचार्ज अपने घर बरेली जाने के लिए निकले तो टेंपो में बैठते समय गेट पर ही उन्हें घेर लिया गया।
गलीगलौज और मारपीट के दौरान कॉलेज के अनुचर भी बाहर आ गए। उन्होंने भी सेंटर इंचार्ज वीरेंद्र कुमार को बचाने की कोशिश की। खींचतान में वीरेंद्र के हाथ में चोट लग गई। सेंटर इंचार्ज ने बताया कि पुष्पांशु ने पहला फायर सामने से उन पर किया, लेकिन मिस हो गया। इसके बाद भीड़ में घिरता देख वह हवाई फायर करते हुए भाग गया। भागते समय उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। घटना से कालेज व आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना के बाद कोतवाली प्रभारी राजीव कुमार भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने आसपास के लोगों से घटनाक्रम के बारे में जानकारी की। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि वीरेंद्र कुमार की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इनमें पुष्पांशु नामजद है। वह बदायूं निवासी कमलकांत शर्मा का बेटा है।
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पूछताछ से सामने आएंगे अज्ञात हमलावरों के नाम
उझानी। सेंटर इंचार्ज वीरेंद्र कुमार पर जानलेवा हमला करने के आरोपी पुष्पांशु के साथ अज्ञात हमलावर कौन हैं और वह कहां के निवासी हैं, यह तभी सामने आएगा जब पुष्पांशु पकड़ा जाए। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि नकलविहीन परीक्षा कराने में पुलिस कॉलेज प्रशासन की पूरी मदद करेगी।
यकीन न था कि जानलेवा हमला कर देगा
पुष्पांशु का पहला फायर मिस नहीं होता तो उनकी जान चली जाती। कॉपी छीने जाने के बाद वह जिस समय परीक्षा कक्ष से निकला, काफी गुस्से में था लेकिन ऐसा नहीं लगा कि वह गेट पर हमला कर देगा।
- वीरेंद्र कुमार, सेंटर इंचार्ज, बांके बिहारी लॉ कॉलेज