तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला अपने बयान से मुकर रही है। कोर्ट में दिए कलमबंद बयान में महिला ने कहा है कि उसने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। उसके साथ किसी ने दुष्कर्म नहीं किया।
मूसाझाग थाने के एक गांव की महिला ने 20 अगस्त को थाने में तहरीर देकर गांव के ही रामसुआ को नामजद करते हुए तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। महिला का आरोप था कि 19 अगस्त की रात रामसुआ समेत तीन लोग उसके घर में घुस आए। तमंचे के बल पर तीनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया, इसमें भी उसके साथ जोर जबरदस्ती की पुष्टि नहीं हुई। बाद में पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष महिला के 164 के बयान दर्ज कराए। 164 के बयान में महिला पूरी तरह से मुकर गई। उसने अपने साथ दुष्कर्म होने की बात से इंकार करते हुए यहां तक कह दिया कि यह रिपोर्ट उसने दर्ज ही नहीं कराई।
एसओ बोले, 182 की कार्रवाई करेंगे
बदायूं। सामूहिक दुष्कर्म मामले में बयान से पलटने वाली महिला के खिलाफ पुलिस ने धारा 182 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। भ्रामक सूचना देना और झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में उसके खिलाफ सीआरपीसी के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। एसओ वाहिद खान ने बताया कि लिखा-पढ़ी की जा रही है।