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खेत में जानवर घुसने के  विवाद में युवक की हत्या

Wed, 10 Aug 2016 11:45 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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हत्या - फोटो : अमर उजाला
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दरवाजे पर बैठने के दौरान मार दी गोली, कोटेदार समेत तीन पर मुकदमा 
 खेत में जानवर घुसने के विवाद में युवक शैतान सिंह की मंगलवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में गांव के कोटेदार समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद सभी आरोपी गांव से फरार हो गए हैं।  
कोतवाली क्षेत्र के गांव बक्सर में मंगलवार शाम चार बजे शैतान सिंह (30) के बाजरे के खेत में कोटेदार राकेश के जानवर घुस गए थे। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। बात बढ़ने पर राकेश ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद कुछ लोगों के समझाने पर मामला निपट गया। आरोप है कि मंगलवार की रात आठ बजे शैतान सिंह अपने घर के दरवाजे पर बैठा था। उसी वक्त गांव का कोटेदार राकेश, उसका बेटा कमलेश और गांव सरैया का मुनेंद्र उर्फ पप्पू आए। राकेश ने तमंचे से शैतान सिंह के कंधे पर गोली मार दी, जो चीरती हुई कमर तक पहुंच गई। इससे शैतान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घरवालों ने बताया कि गोली की आवाज सुनकर पड़ोस में बैठा शैतान का छोटा भाई विजेंद्र और चचेरा भाई भगवान दास मौके पर पहुंचे, तो तीनों आरोपी वहां से भाग गए। घरवालों का आरोप है कि पुलिस को मामले की सूचना तुरंत दी गई, लेकिन पुलिस करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची। बाद में हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज हो गया। 
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पुलिस पर धमकाने का आरोप
बदायूं। शैतान सिंह के पिता रामनिवास ने बताया कि उनके बेटे की हत्या कर दी गई, लेकिन पुलिस कह रही थी कि तमंचा लोड करते वक्त गोली धोखे से उसे जा लगी। उन्होंने हत्या के मामले में ही रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा, तो पुलिस ने उको धमकाने की कोशिश की। 
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बेटे का शव देखकर बेहोश हो गया बीमार बाप
बदायूं। कहते हैं कि दुनिया में किसी पिता के सबसे बड़ा दुख होता है कि उसके बेटे का जनाजा उसके सामने उठे, लेकिन मंगलवार को बेटे शैतान सिंह की हत्या किए जाने के बाद बीमार पिता रामनिवास ने खून से लथपथ बेटे का शव देखा तो बेहोश हो गए। बेटे के गम में बेहाल रामनिवास की हालत कुछ वक्त के लिए विक्षिप्तों सी हो गई। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भी वृद्ध रामनिवास के आंसू थम नहीं रहे थे। कभी वह बेटे की मौत को याद करके रो पड़ते थे, तो कभी दोनों पोते परमवीर और ह्दयेश के सिर से बाप का साया उठने से बेहाल हो जाते। जवान बहू का सुहाग उजड़ने का गम भी उनकी जुबां पर आ जाता। 
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