अलापुर के गांव सलेमपुर में सोमवार रात हुई वारदात
हत्या के पीछे रंजिश बताई जा रही वजह, रिपोर्ट दर्ज
गांव सलेमपुर में सोमवार की रात हमलावरों ने रंजिश के चलते घर में परिवार के साथ सो रहे किसान राय सिंह को गोली मार दी। घायल अवस्था में परिवार वाले उन्हें जिला अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी मोरश्री ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। इनमें दो साले-बहनोई हैं। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
अलापुर थाने के गांव सलेमपुर निवासी राय सिंह (40) पुत्र लाखन सोमवार रात अपने घर के आंगन में सो रहे थे। एक चारपाई पर उनकी पत्नी मोरश्री और दूसरी पर बेटा किशनपाल और प्रदीप सोए हुए थे। रात में करीब 11 बजे घर में अचानक गोली चलने की आवाज हुई। सभी लोग जाग गए। राय सिंह खून में लथपथ पड़े थे। गंभीर रूप से घायल राय सिंह को परिवार वाले रात में ही एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाए। यहां डॉक्टर ने उनको मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी मोरश्री का कहना है कि मरने से पहले पति ने उनको बताया कि उन्हें गांव के ही शंकर, महेंद्र और महेंद्र के साथी बरेली के थाना भमोरा के गांव गहर्रा निवासी जमुना ने गोली मारी है।
मोरश्री की तहरीर पर पुलिस ने शंकर, महेंद्र और जमुना के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने महेंद्र और उसके साले जमुना को गिरफ्तार कर लिया है। शंकर अभी फरार है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सीओ दातागंज श्योराज सिंह और एसओ एपी सिंह यादव ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली।
पहले झगड़ा, फिर समझौता और अब हत्या
अलापुर। कुछ समय पहले राय सिंह का महेंद्र और शंकर से झगड़ा हो गया था। दोनों ओर से रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच समणैता हो गया था। मृतक की पत्नी मोरश्री की मानें तो समझौता होने के बाद भी शंकर और महेंद्र रंजिश रखते थे। दो दिन पहले ही महेंद्र का साला जमुना सलेमपुर आया था। सोमवार रात इसी रंजिश में शंकर और महेंद्र ने जमुना के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
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मामले में तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। दो आरोपी पुलिस के कब्जे में हैं। मामला रंजिश का बताया जा रहा है। तीसरे आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-श्योराज सिंह, सीओ दातागंज
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तंगहाली में गुजर कर रहा था परिवार
कुदरत भी कभी कभी इंसान के साथ ऐसा मजाक करती है कि वह टूटकर बिखर सा जाता है। राय सिंह के परिवार के साथ ऐसा ही कुछ हुआ है। परिवार पहले से ही तंगहाली में था, उस पर घर के मुखिया की मौत के बाद मानों परिवार पर दुखों का पहाड़ सा टूट पड़ा है।
किसान राय सिंह के परिवार में उसकी पत्नी मोरश्री और पांच बच्चे हैं। इनमें सबसे बड़ी बेटी भूदेवी (14), कांती (12), किशनपाल(8), गोविंद(6) और तीन साल की रूबी है। ये परिवार पहले से ही तंगहाली से गुजर-बसर कर रहा था। बताते हैं कि राय सिंह की पत्नी मोरश्री काफी समय से बीमार चल रही है। उसके इलाज के लिए रा सिंह ने पांच बीघा जमीन बेच दी थी। अब उसके पास केवल ढ़ाई बीघा जमीन ही बची है। रायसिंह की पत्नी पहले से ही जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
गांव वालों का कहना है कि कहीं ऐसा न हो मोरश्री ये सदमा बर्दास्त न कर पाए, ऐसे में पांच बच्चों की परवरिश कैसे होगी? ये सवाल सबके जेहन में उठ रहा है। गांव वालों का कहना है कि राय सिंह काफी मिलनसार था। उसका किसी से कोई विवाद नहीं होता था। विगत दिनों उसके परिवार के लोगों का गांव के कुछ लोगों से विवाद हो गया था। इसका उसने विरोध किया था और समझौता भी करा दिया था। समझौते के बाद भी उसकी हत्या हो जाने से परिवार ही नहीं गांव के लोग हैरान हैं।