17 जून को गांव से गायब हुई 14 वर्षीय किशोरी को अगवाकर दुष्कर्म करने के आरोप में चार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। खास यह कि छह दिन तक किशोरी के घरवालों ने भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की। किशोरी के वापस लौटने पर मुकदमा दर्ज कराया गया।
किशोरी के पिता का आरोप है कि 17 जून को उसकी 14 वर्षीय पुत्री को गांव की तबस्सुम पुत्री अलीशेर और उसका भाई हासिम बहला-फुसला कर ले गए। किशोरी ने बताया कि दोनों ने उसको कादरचौक के गांव भमुइया में बूंदा के हवाले कर दिया। बूंदा के साथ कादरचौक के गांव नूरपुर का पूर्व प्रधान रफीक भी था। यह लोग उसे पहले कासगंज बाद में मथुरा ले गए। वहां बूंदा ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित किसी तरह छह दिन बाद इनके चंगुल से छूटकर घर पहुंची और पूरा वाकया बताया। किशोरी के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तबस्सुम, हासिम, रफीक और बूंदा के खिलाफ दुष्कर्म का ममाला दर्ज कर लिया है। एसओ सीपी सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पाक्सो एक्ट भी लगाई गई है। किशोरी को मेडिकल के लिए भेजा गया है।
पूरे मामले पर कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इतने दिनों पर रिपोर्ट लिखाने की बात समझ से परे हैं। घर की लड़की गायब हो गई और लोगों को रिपोर्ट तक न लिखाई। भले पुलिस को सूचित किया हो।