शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
समायोजन रद्द होने से निराश शिक्षामित्रों ने आंदोलन के छठे दिन सोमवार को भी धरना-प्रदर्शन जारी रखा। सरकार की तरफ से अब तक अपने हित में कोई कदम नहीं उठाने से नाराज शिक्षामित्रों ने प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालते हुए जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। वे किसी हाल में पीछे हटने वाले नहीं हैं। बड़ी संख्या में महिला शिक्षामित्र बच्चों के साथ धरना-प्रदर्शन में पहुंचीं। उच्चतम न्यायालय के फैसले से बाद से शिक्षामित्रों का बेमियादी आंदोलन चल रहा है। सोमवार सुबह से ही जिले भर से शिक्षामित्र धरना-प्रदर्शन देने मालवीय आवास पर पहुंचने लगे थे। सुबह 10 बजे तक हजारों की संख्या में शिक्षामित्र धरना स्थल पर आ गए। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि पूरे प्रदेश में लाखों लोगों के सामने दो वक्त की रोटी की समस्या खड़ी हो गई है, पर सरकार ने अब तक उनके हित में कोई फैसला नहीं किया है। वक्ताओं ने दोहराया कि आंदोलन आगे चलकर जनांदोलन में तब्दील होगा। इसके लिए आम जनता से समर्थन मांगा जा रहा है। शिक्षक संगठन पहले से ही उनके साथ हैं। आरपार की लड़ाई लड़ी जा रही है। धरना स्थल से उठकर शिक्षामित्रों ने प्रतीकात्मक शवयात्रा भी निकाली। शवयात्रा मालवीय आवास से शुरू होकर पुलिस लाइंस, असरार चौराहा, लावेला चौक आदि होकर कचहरी चौराहे पर खत्म हुई। यहां शिक्षामित्रों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान इन सभी रास्तों पर जाम की स्थिति हो गई। राहगीरों को दिक्कतें भी उठानी पड़ीं। हालांकि पुलिस जाम को खुलवाती रही। आंदोलित शिक्षामित्र जमकर नारे लगा रहे थे। इस मौके पर निर्भान सिंह यादव, सतीश गुप्ता, राजीव सिंह, अनेक पाल, बाबू खां, अवनीत सक्सेना, चरन सिंह, तेजेंद्र, फुरकान अली, दिनेश चौधरी, जयप्रकाश, अनिल कुमार, फूलवानो, सर्वेश कुमारी, भारत भूषण, ओमेंद्र यादव, जंडैल सिंह, बंटी, योगेश कुमार, अरुण तोमर, अमित शर्मा, संजीव यादव, राहुल रस्तोगी, जयप्रकाश आर्या, मृदुलेश यादव, अरुण तोमर, मुकेश पाल सिंह, ओमेंद्र पाल, अजमत आदि थे।