सात माह से गर्भ में एक जिदंगी को लेकर दर-दर भटक रही 26 साल की महिला को शायद खुद भी पता नहीं था कि वह मां बनने वाली है। उसकी लाचारी और मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर न जाने कौन उसेे अपनी हवस का शिकार बना गया। अलापुर थाने के कस्बे ककराला में वह करीब एक महीने से लोगों को इधर-उधर भटकते दिख रही थी। जो कोई कुछ खाने को दे देता वह खा लेती नहीं तो किसी किनारे गर्भ में नन्ही जान लिए सिकुड़ी पड़ी रहती। करीब आठ दिन पहले उसे बेहोश पड़ा देखकर कुछ लोगों को उसपर तरस आया तो उन्होंने स्थानीय पुलिस चौकी पर खबर की। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जब जांच की तो उसे सात माह का गर्भ निकला। अब उसका और उसकी जन्म लेने वाली संतान का क्या होगा? यह एक बड़ा सवाल है। पुलिस और प्रशासन भी पूरे मामले में आला दर्जे की लापरवाही बरत रहे हैं।
अलापुर थाने के कस्बा ककराला में 20 सितंबर को एक महिला बेहोशी की हालत में मिली थी। स्थानीय लोगों ने चौकी पुलिस को खबर दी। लोगों का कहना है कि महिला मानसिक रोगी थी। उसकी भाषा भी पश्चिमी बंगाल की है। वह फिलहाल महिला थाना में है। उसे नारी निकेतन भेजा जाएगा या फिर कोई उसे अपनाएगा यह भी एक सवाल है। महिला को एसडीएम दातागंज हरीराम यादव के समक्ष पुलिस ने बिना प्रक्रियाओं को पूरा किए ही पेश कर दिया। ऐसे में एसडीएम भी अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं ले सके हैं।