शहर के प्रमुख गारमेंट व्यापारी उमेश रस्तोगी की पत्नी अरुणा रस्तोगी (55) का कत्ल दुकान के ही नौकर शिवम ने लूट के इरादे से किया था। पड़ोस के सीसीटीवी कैमरे ने सारा राज खोल दिया। हत्या करके वह 20 लाख रुपये लूट ले गया था। यह रकम शिवम ने अपने दो दोस्तों को लालच देकर उनके यहां छुपा दी थी। पुलिस ने शिवम के साथ उन दोनों को भी गिरफ्तार कर पूरी रकम बरामद कर ली।
विवेक विहार के घर में रविवार शाम हुई वारदात का खुलासा करते हुए सोमवार को एसएसपी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने देर रात डॉ. डीवी शाक्य के क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो पता चला कि शाम करीब सवा पांच बजे नौकर शिवम उनके घर में घुसा था। शहर के खेड़ा बुजुर्ग का रहने वाला शिवम कुछ देर बाद एक थैला लेकर बाहर निकलता हुआ दिखा।
इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने सोमवार रात करीब तीन बजे उसे दातागंज तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अरुणा रस्तोगी की हत्या करना कबूल कर लिया। उसने उमेश रस्तोगी के घर में रखे 20 लाख रुपये के लालच में यह वारदात की। उसने 20 लाख रुपये खेड़ा बुजुर्ग निवासी अपने दोस्त सोनू पुत्र सुरेश मौर्य और दिलीप पुत्र रामकिशोर के घर में छिपा दिए थे। उन्हें 50-50 हजार रुपये देने का लालच दिया था। पुलिस ने रात में ही उनको भी गिरफ्तार कर लिया और लूटे गए 20 लाख रुपये भी बरामद कर लिए।
नौकर को थी घर में रकम की जानकारी
दूसरे शनिवार और रविवार को बैंक बंद होने के कारण उमेश रस्तोगी ने बिक्री के 20 लाख रुपये रविवार दोपहर घर भिजवा दिए थे। यह बात शिवम को पता थी। शाम पांच बजे उमेश रस्तोगी की ही स्कूटी लेकर वह अपना निजी कार्य बताकर दुकान से चला गया और सीधे उनके घर पहुंचा। उसे यह भी पता था कि घर पर मालकिन के अलावा कोई नहीं है। दरवाजा खोलने के बाद उन पर शिवम ने प्रहार कर दिया और स्टोर रूम से 20 लाख रुपये लेकर चला गया।