प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने दहेज हत्या के मामले में पति को दस साल की कैद समेत 14 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है और सा, ससुर और तीन देवरों को आरोप से बरी कर दिया है।
घटना थाना बिल्सी क्षेत्र के गांव बड़नौमी की है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव कुरऊ निवासी वादी मुकदमा सुरेश का कहना था कि उसने अपनी बहन मीरा की शादी देवेंद्र पुत्र जगमोहन के साथ दो साल पहले की थी। शादी में उसने अपनी क्षमता के अनुसार दान दहेज भी दिया था लेकिन उसके ससुराल वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे और उसे आए दिन प्रताड़ित किया करते थे। उसकी बहन से अतिरिक्त दहेत के रूप में मोबाइक की मांग करते थे। इसके लिए उसकी बहन को प्रताड़ित करते थे। 13 फरवरी2013 को जानकारी मिली की उसकी बहन मीरा को उसकी ससुराल वालों ने जलाकर मार डाला है। जब वह अपनी बहन की ससुराल पहुंचा तो उसकी लाश वहीं पड़ी थी और सभी ससुराली जन फरार थे। यहां बता दें कि दर्ज मुकदमा में एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने पति देवेंद्र को 10 साल की कड़ी कैद समेत 14 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि मीरा के ससुर जगमोहन, सास राम देवी और तीन नामजद देवरों को आरोप से दोष मुक्त कर दिया गया है।