मृतक 30 वर्षीय राजेंद्र उर्फ राजू महाराष्ट्र में सांगली जिले के गांव वाबनखेड़ा गांव के उत्तम का बेटा था। वह करीब एक साल से बदायूं में बड़ा बाजार इलाके में अपने बड़े भाई दीपक के साथ रहकर यहां सोने-चांदी के जेवरात गलाने का काम करता था। रोज की तरह राजू शनिवार को सुबह में एपीएस मार्केट में दूसरी मंजिल पर बनी दुकान पर आ गया। दुकानदारों की मानें तो पूर्वाह्न तक वह नजर भी आया, लेकिन दोपहर में नहीं दिखा। दूसरी मंजिल की दुकानों पर कोई खास चहलकदमी भी नहीं रहती, सो किसी को उसके द्वारा फांसी लगा लेने की भनक भी नहीं लग पाई।
राजू को दोपहर में सर्राफ राकेश का माल पहुंचाना था। जब वह नहीं आया तो राकेश खुद उसकी दुकान पहुंचे, तो आधे खुले शटर के अंदर आहट का अहसास नहीं हुआ। उन्होंने अंदर झांका तो राजू का शव लटका था। उनकी सूचना के मौके पर पहुंचे दरोगा एके सिंह ने मृतक के बदायूं निवासी भाई दीपक को बुला लिया। पुलिस ने दीपक और उसके घरवालों की मौजूदगी में शव नीचे उतारा। पुलिस ने हालांकि मामला आत्महत्या का बताया है, लेकिन भाई दीपक ने महज यही कहा कि राजू ने आत्महत्या क्यों की, घर-परिवार में कलह भी नहीं थी। बाद में घरवाले पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर परिवार वाले शव अपने साथ ले गए।
घरवालों ने बताया है कि राजू महाराष्ट्र में मौजूद अपनी पत्नी से रोजाना बात करता था, लेकिन सेलफोन मांगने पर कॉल डिलीट कर देता था। काफी हद तक संभव है कि दोनों के बीच कोई विवाद रहा हो। घरवाले कोई कार्रवाई नहीं चाहते, इसलिए अब जांच का प्रश्न ही नहीं उठता।
- देवराज राठी, कोतवाल।