चोरों ने जिस वक्त ओमप्रकाश सराफ के प्रतिष्ठान में चोरी को प्रयास किया था, उसी समय प्रजीत वार्ष्णेय की दुकान का सीखचा भी काट लिया गया था, लेकिन चोर दुकान में अंदर घुसने में नाकाम रहे थे। सूचना के बाद शुक्रवार सुबह में मौके पर पहुंची पुलिस ने सराफ समेत आसपास के दुकानदारों से बात की।
मोहल्ला साहूकारा निवासी प्रजीत वार्ष्णेय का सराफा प्रतिष्ठान घंटाघर चौराहे पर पंचमुखी हनुमान मंदिर के नजदीक है। शुक्रवार सुबह में प्रजीत ने दुकान खोल कर छत पर जाकर देखा तो ओमप्रकाश सराफ के प्रतिष्ठान की साइड वाला सीखचा कटा हुआ मिला। चोर हालांकि दुकान के अंदर घुस नहीं पाए, लेकिन एक ही रात में दो सराफ की दुकान में चोरी की कोशिश से उनमें दहशत का माहौल है। प्रजीत की सूचना पर दरोगा सुनील कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रतिष्ठान का मौका मुआयना किया।
सराफा कमेटी के अध्यक्ष संजय कुमार मित्तल ने बताया कि घंटाघर चौराहे के आसपास की सराफ की कई दुकानें हैं लेकिन चोरों की दस्तक ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के जाने के बाद सराफा कारोबारियों समेत व्यापारियों ने बैठक करके रात्रिकालीन गश्त तेज किए जाने की आवाज भी उठाई। इधर, पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी गई है।
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पुलिस ने छोड़ दिया था संदिग्ध युवक
उझानी। सराफा कारोबारियों ने बताया कि ओमप्रकाश सराफ की दुकान में चोरी की कोशिश के दौरान चौकीदार ने एक युवक को पकड़ा था। उसे रात में ही कोतवाली पुलिस के हवाले भी कर दिया गया लेकिन पुलिस ने उसे न जाने क्यों कोतवाली से ही छोड़ दिया था। इसे लेकर भी व्यापारियों में गुस्सा दिखा।