साथ ही तीस-तीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
घटना थाना उझानी क्षेत्र के गांव दहेमू की है। 20 मई 2006 को उस समय घटित, जब तेजपाल अपने चाचा के साथ रात 10 बजे घर की तरफ जा रहा था। उस समय गांव में बैलों की चोरी की चर्चा हो रही थी, क्योंकि बैलों की चोरी में तांत्रिक ने आरोपी सोमवीर और उसके पिता रिषीपाल(मृतक) का हाथ होना बताया था। इस आरोप से आहत फतेह सिंह ने सोमवीर को उकसाते हुए कहा, देखता क्या है। तेजपाल ओर रक्षपाल बैलों की चोरी में हम लोगों का नाम बदनाम कर रहे हैं। तभी रिषीपाल, फतेह सिंह, रामस्वरूप और सोमवीर ने जान से मारने की नियत से तमंचों से दनादन फायरिंग की, जिसे उसके परिजन घायल हो गए। जज सिंह ने दोनों पक्षों की सुनवाई उपरांत तेजपाल की हत्या व परिजनों पर जानलेवा हमला करने के आरोप में दोषी पाकर सोमवीर, फतेज, रामस्वरूप को उम्रकैद सहित तीस-तीस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई, जबकि चौथे आरोपी रिषी पाल की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से संयुक्त पैरवी एडीजीसी मुकेश चंद्र के साथ सुनील सक्सेना ने की।