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धड़ल्ले से बिसौली में चल रहा जुआ, सट्टा और लाटरी का गेम

Sun, 26 Jun 2016 11:21 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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एक दरोगा के संरक्षण में नगर में जुआ व सट्टा का कारोबार बड़ा रूप लेता जा रहा है, जिससे कितने ही घरों में रात को मारपीट होती है। कितने ही बच्चे भूखे सो जाते हैं। बावजूद इसके न तो जुए के अड्डे बंद नहीं हो रहे हैं। सट्टा और लाटरी कारोबार और शुरू हो गया है। यह लाटरी सुबह 10 बजे से हर एक घंटे पर खुलती है। 
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नगर के मुहल्ला गदरपुरा, मेन रोड पर एक आरामशीन, बेनी महाराज मंदिर के पीछे, नई बस्ती, शीशमहल, गुलाब बाग, ईदगाह के पीछे, तहसील के पीछे आदि स्थानों के साथ ही दबतोरी रोड पर भी जुआ और सट्टा खुले आम हो रहा है। इन स्थानों पर जुए के अड्डे सुबह से ही शुरू हो जाते हैं जो देर रात तक चलते हैं। इन अड्डों पर संचालक का पूरा नियंत्रण रहता हैं। इस प्रकार प्रत्येक अड्डे पर दर्जनों की संख्या में जुआरी हर समय मौजूद रहते हैं। सबसे हैरत की बात तो यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों के सबसे बड़े नियंत्रण वाले स्थान तहसील के पीछे भी पूरे दिन जुआ होता हैं, लेकिन कोई प्रशासनिक अधिकारी इस ओर नजर नहीं करता है। ऐसा नहीं है कि इस ओर किसी प्रशासनिक अधिकारी की नजर नही है बल्कि आर्थिक समझौते के आधार पर कोई किसी कार्रवाई को तैयार नहीं है। पूरे नगर में होने वाले जुए को उसके दो संचालक चलाते हैं। इन संचालकों की ही जिम्मदारी होती है कि वह पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से संरक्षण दिलाएं। इसके एवज में संचालकों को प्रत्येक जीतने वाला जुआरी अपनी जीतने वाली रकम में से पूर्व निर्धारित हिस्सा (नाल) देता है। इनकी पुलिस से इतनी अच्छी साठगांठ है कि किसी परेशानी का हल भी पुलिस करती हैं। यहां बता दें कि प्रतिदिन लगभग दो से तीन लाख का जुआ होता है। कई बार जुए में होने वाली बेईमानी का समझौता भी पुलिस के कर्मचारी ही कराते है। एक झगड़े में तो पुलिस ने घर में घुसकर मारपीट का मुकदमा तक दर्ज कर दिया था। इसके साथ ही सट्टा का कारोबार भी खूब फल फूल रहा है। अनुमान के अनुसार प्रतिदिन लगभग दो लाख रुपये का सट्टा कारोबार हो रहा है। सूत्र बताते हैं कि इस कारोबार नगर के एक चौकी इंचार्ज का आशीर्वाद है। जिन कारोबारियों से इनकी साठगांठ है, उनको पुलिस का अभयदान मिला हुआ है। सरकारी प्रतिबंध के बावजूद भी नगर में लाटरी की टिकिटें भी खुले आम बिक रही हैं। यह लाटरी सुबह दस बजे से प्रारंभ हो जाती है। यह कुबेर इंडिया क्विज गेम लाटरी के नाम से आ रही है। यह लाटरी प्रत्येक घंटे पर खुलती है। यहां भी एक निर्धारित रकम देकर संरक्षण हासिल किया जाता है। सट्टा, जुआ व लाटरी का ही कारण है कि नगर में छिनैती की घटनाएं अचानक बढ़ गई हैं। एक सट्टा कारोबारी का तो यहां कहना है कि लाटरी ने सब धंधे पीट दिए हैं। सट्टा केवल शाम को होता है और लाटरी पूरे दिन एक-एक घंटे बाद खुलती है। सट्टा कारोबार में पड़ने से कई साल पहले नगर के कई कारोबारी आत्महत्या भी कर चुके हैं। अब यह पुन: पनप रहा है, इसे रोका जाना आवश्यक है। इसके अलावा क्षेत्र के ग्राम सर्वा, परसिया, परवेजनगर, रानेट, सिचौली, भटपुरा, गदगांव, कुआडांडा आदि गांवों में भी जुआ जोरों पर चल रहा है। पुलिस की लापरवाही या संरक्षण के कारण पूरे क्षेत्र में यह जुआ जोर पकड़ रहा है जो भारी महामारी का रूप लेता जा रहा है। सूत्र यह भी बताते है कि कई सफेदपोश भी इस मामले में लिप्त हैं। इसीलिए इस अवैध कारोबार पर लगाम नहीं लग रही है। 
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मुझे जुए के अड्डे चलने की कोई जानकारी नहीं है फिर भी जांच कराएंगे। यदि कोई इस मामले में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ  कार्रवाई की जाएगी। 
- अजय कुमार शर्मा, सीओ, बिसौली
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