कथित सत्याग्रहियों को रसद पहुंचाने की भी थी जिम्मेदारी
गिरफ्तार चंदनबोस ने किए राकेश के बारे में कई खुलासे
मथुरा के जवाहर बाग के खलनायक राकेश गुप्ता के बारे में एक और तथ्य सामने आया है। राकेश गुप्ता जवाहर बाग कांड के मुख्य आरोपी रामवृक्ष यादव के खजांची के रूप में काम करता था। रामवृक्ष ने उसको चंदा जुटाने के साथ जवाहर बाग में कब्जा जमाए कथित सत्याग्रहियों को रसद पहुंचाने की जिम्मेदारी दे रखी थी। रामवृक्ष के दाहिने हाथ और राकेश गुप्ता के साथी चंदनबोस की गिरफ्तारी के बाद यह तथ्य प्रकाश में आया है। राकेश की गिरफ्तारी में लगी एसटीएम, सर्विलांस और एसओजी इस बात से इंकार नहीं कर रही कि राकेश गुप्ता के पास काफी रुपया है।
मथुरा के जवाहर बाग में कब्जा कर खुद को बाबा जय गुरुदेव का अनुयायी बताने वाले कथित सत्याग्रहियों से दो जून को पुलिस झड़प में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव शहीद हो गए थे। कथित सत्याग्रहियों के सरगना रामवृक्ष यादव समेत 25 अन्य लोग भी मारे गए थे। जवाहर बाग के टॉप 20 खलनायकों में बदायूं के थाना हजरतपुर के गांव गढ़िया शाहपुर का मूल निवासी राकेश गुप्ता भी शामिल है। बुधवार को पुलिस ने राकेश गुप्ता के एक साथी चंदनबोस को बस्ती के थाना परशुरामपुर के गांव कैथवलिया से गिरफ्तार कर लिया था।
चंदनबोस से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। यह भी पता लगा है कि राकेश गुप्ता पर बाबा जयगुरु देव के नाम पर चंदा जुटाने के साथ जवाहर बाग में कब्जा जमाए कथित सत्याग्रहियों को रसद पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। राकेश गुप्ता, वीरपाल समेत टॉप 20 खलनायकों की गिरफ्तारी को एसटीएफ, एसओजी, सर्विलांस टीमों के साथ कई जिलों की पुलिस लगी हुई है। पुलिस इस बात से इंकार नहीं कर रही कि रामवृक्ष के खजांची के रूप में काम करने वाले राकेश गुप्ता के पास करोड़ों रुपया हो सकता है।
प्रसिद्धपुर समिति के गांवों में करोड़ों का फर्जी लोन
- दो सदस्यों की समिति करेगी ऋण वितरण की जांच
दातागंज। सहकारी विभाग में सचिव राकेश गुप्ता ने प्रसिद्धपुर सहकारी समिति में करोड़ों का गोलमाल किया है। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया पता लगा है कि राकेश गुप्ता ने किसानों के नाम से करीब एक करोड़ रुपये का ऋण गबन किया है। एआर कोऑपरेटिव एपीएस यादव ने इसकी जांच के लिए दो सदस्यों की कमेटी बनाई है।
जवाहर बाग के खलनायक राकेश गुप्ता की तैनाती प्रसिद्धपुर सहकारी समिति पर है। समिति के अधीन हासिमपुर, अंधरऊ, दुधारी, प्रसिद्धपुर, बिरिया डांडा, अगोई और घिलौर गांव आते हैं। राकेश गुप्ता फरार चल रहा है। पिछले दिनों एआर कोऑपरेटिव ने उसे सस्पेंड कर दिया था। समिति से सभी रिकार्ड गायब मिले। इसके बाद एआर कोऑपरेटिव ने राकेश गुप्ता के खिलाफ कोऑपरेटिव एक्ट की धारा 37 के तहत नोटिस जारी करने का आदेश दिया। जांच के दौरान पता लगा है कि समिति से किसानों को ऋण वितरण में राकेश गुप्ता ने बड़ा गोलमाल किया है। यह राशि एक करोड़ रुपये तक की हो सकती है। सच क्या है इस बारे में जांच कमेटी की रिपोर्ट और रिकॉर्ड मिलान के बाद ही खुलासा हो सकेगा।
समिति का रिकार्ड गायब है। पता लगा है कि ऋण वितरण में घोटाला हुआ है। दो सदस्यों की कमेटी जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।
-एपीएस यादव, एआर कोऑपरेटिव
-----
बदायूं में हैं राकेश के तीन ठिकाने
बदायूं/दातागंज। मूल रूप से हजरतपुर थाने के गांव गढ़िया शाहपुर निवासी राकेश गुप्ता का एक मकान दातागंज कस्बे में कांसपुर रोड पर है। शहर के पाश इलाके सिविल लाइंस में उसका एक बंगला है। राकेश गुप्ता के पास करीब 150 बीघा जमीन के साथ अकूत संपत्ति है। उसने यह संपत्ति कैसे जुटाई इसकी भी जांच की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि यह संपत्ति रामवृक्ष यादव के लिए जुटाए गए चंदे की रकम से बनाई गई है।