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उझानी के राजेश की निकली भमोरा में मिली लाश 

Thu, 30 Jun 2016 12:05 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
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घरवालों ने कपड़े देखकर की शिनाख्त, मुख्य आरोपी  दबोचा
पूर्व सैनिक ने दोस्त की मदद से महीना भर पहले की थी हत्या 
22 मई को गला घोटकर मारा, शव भमोरा, बरेली में फेंक दिया था
 होली वाले दिन घर से लापता युवक की महीना भर पहले बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। वह बदायूं रोडवेज डिपो में चालक पद पर तैनात था। पुलिस ने बुधवार सुबह में पूर्व सैनिक को दबोचा, तो उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया। मृतक के घरवालों के साथ पुलिस उसे लेकर भमोरा पहुंची। घरवालों ने कपड़े देखते ही शिनाख्त की औपचारिकता पूरी कर ली। हत्या में पूर्व सैनिक के साथ उसका दोस्त सहसवान निवासी युवक भी शामिल था।
मृतक राजेश कुमार (35) पुत्र रूपराम कोतवाली क्षेत्र के गांव मिहौना के मजरा पृथ्वीनागला का निवासी था। पुलिस ने शक के आधार पर सुबह में मुजरिया के गांव बगुला नगला निवासी पूर्व सैनिक राजपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दरोगा एके सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान पूर्व सैनिक ने राजेश की हत्या कर दिए जाने की बात कही। पूर्व सैनिक ने बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र में वह स्थान भी पुलिस को दिखा दिया, जहां उसने अपने दोस्त सहसवान के मोहल्ला अकराबाद निवासी कल्लू के सहयोग से राजेश की गला घोंट कर हत्या की थी। बकौल दरोगा, भमोरा थाने में कपड़े देखते ही घरवालों में पिता रूपराम और भाई गुरूवचन ने शिनाख्त कर ली।
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पूछताछ के दौरान पूर्व सैनिक ने पुलिस को यह भी बताया कि राजेश पर उसके 40 हजार रुपया थे। होली से दो दिन पहले रुपये मांगे, तो राजेश झगड़े पर उतारू हो गया था। अगले दिन ही उसने कल्लू की मदद से राजेश की हत्या की योजना बना ली थी। राजेश को उसने शराब पीने के बहाने गांव से बाहर बुला लिया था। करीब दो माह तक राजेश को उसने घर में बंधक बनाकर रखा। 22 मई को उसने राजेश की हत्या कर शव फेंक दिया था। भमोरा पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम भी कराया, लेकिन शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। इधर, पुलिस ने बताया कि फरार कल्लू की तलाश मेें भी दबिश दी गई है, लेकिन वह घर पर नहीं मिला।
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पत्नी ने ससुर और देवर पर जताया था शक
उझानी। रोडवेज में संविदा पर तैनात चालक राजेश कुमार की गुमशुदगी उसके पिता ने होली के तीसरे दिन ही कोतवाली में दर्ज करा दी थी, लेकिन जब उसका सुराग नहीं लगा तो पत्नी धर्मवती ने डीआईजी को शिकायती पत्र भेजकर ससुर और देवर की भूमिका पर सवाल उठाया था। यह इसलिए भी कि पूर्व सैनिक राजपाल गुमशुदगी के बाद भी राजेश के घर आता-जाता रहा। उसी ने धर्मवती को बरगला दिया था।
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