पट्टी और गढ़िया गांव के बीच एक नदी का फासला है। पट्टी गांव के कई निवासियों के खेत गढ़िया के जंगलों में हैं। इन दिनों ऐसी दहशत है कि यहां के लोग अपने खेतों पर भी नहीं जा पा रहे हैं। दोनों गांव के बीच पहली लड़ाई शराब को लेकर हुई। गढ़िया गांव में कच्ची शराब बनाकर बेची जाती है, पट्टी के एक युवक ने 20 दिन पहले वहां आकर शराब पीकर हंगामा किया। जिसपर उसे गांव के लोगों ने मारा। इसके बाद लड़ाई बढ़ती गई। रंजिश बढ़ी और पट्टी वासी गढ़िया गांव के एक व्यक्ति को पकड़ लाए, बाद में मामला थाने पहुंचा, जिसपर दोनों पक्षों में समझौता हो गया। लेकिन मामला अंदर ही अंदर उबलता गया। फिर गढ़िया के वीरेंद्र यादव के इंजन से पंपसेट और 80 मीटर पाइप की चोरी हो गई। जिसपर दोनों पक्षों में फायरिंग हुई।
दोनों पक्षों के 60 लोगों को शांतिभंग में पाबंद किया गया है। गढ़िया निवासी चंद्रपाल ने दूसरे पक्ष के खिलाफ मारपीट की भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस दोनों पक्षों पर नजर रखे हुए है। -
रविंद्र कुमार, एसओ हजरतपुर
बच्चें नहीं पहुंच पा रहे स्कूल
दातागंज। दोनों गांव की बढ़ती रंजिश से सबसे बड़ा नुकसान बच्चों को हो रहा है। गढ़िया गांव के बच्चे बीच की नदी पार करके पट्टी गांव में पढ़ने आते हैं। लेकिन लड़ाई के कारण पट्टी वासियों ने नाव बंद कर दी है। जिससे गढ़िया के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। कई अभिभावकों ने बताया कि ये लड़ाई जल्द खत्म हो ताकि बच्चे पढ़ सकें।