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जेल में उमड़े मुलाकाती, हंगामा

Wed, 27 Apr 2016 11:37 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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जेल - फोटो : अमर उजाला
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भीड़ बढ़ी तो बुलानी पड़ी पुलिस, घंटों रही अफरा-तफरी
जेल के हालात जानने को लेकर रही लोगों में उत्सुकता
 जिला कारागार में दूसरे दिन जेल के अंदर तो स्थिति सामान्य रही, लेकिन मुलाकातियों की भीड़ जुटने की वजह से जेल के बाहर अफरा-तफरी मची रही। मंगलवार को सैकड़ों मुलाकाती मायूस होकर लौट गए थे। बुधवार को दिन की शुरूआत होने के साथ ही मुलाकातियों की भीड़ जेल पर जुटनी शुरू हो गई। अन्य दिनों से ज्यादा मुलाकाती होने की वजह से अव्यवस्थाओं के बीच हंगामे की स्थिति बन गई। इस पर जेल प्रशासन को पुलिस की मदद लेनी पड़ी।
जिला जेल में रविवार को ग्राम्य विकास राज्यमंत्री ओमकार सिंह और गुन्नौर के सपा विधायक रामखिलाड़ी यादव के रिश्तेदार तुकमेश यादव की मौत हो गई थी। सोमवार शाम से जेल में बंदियों और कैदियों ने आक्रोश में भूख हड़ताल शुरू कर दी। मंगलवार को दिन भर जेल में हाईवोल्टेज ड्रामा चला। जेल में बगावत की स्थिति पर 15 थानों की पुलिस के साथ पीएसी और जिले के आला अधिकारी दिन भी जेल में जमे रहे थे। इसके चलते मंगलवार को मुलाकातों के साथ बंदियों की कोर्ट में पेशी पर ब्रेक लगा दिया गया था। तमाम मुलाकाती बैरंग हो गए। 
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बुधवार को दिन की शुरूआत होने के साथ ही जेल में बंदियों और कैदियों के परिवार वाले मुलाकात को पहुंचने लगे। अन्य दिनों से दोगुने मुलाकाती होने की वजह से जेल प्रशासन के भी हाथ-पांव फूले नजर आए। मुलाकातियों में अपने से मिलने के साथ जेल के हालात जानने की उत्सुकता थी। भीड़ बढ़ने पर एहतियातन जेल प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। जेल प्रशासन की मानें तो बुधवार को अन्य दिनों से दोगुने मुलाकाती जेल पहुंचे। 
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सब कुछ सामान्य है। बुधवार को मुलाकातियों की तादाद अन्य दिनों से ज्यादा थी। मुलाकात में भी एहतियात बरती गई है। जेल की सभी गतिविधियों पर नजर है।
-शशि श्रीवास्तव, डीआईजी जेल
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बंदियों और कैदियों को सब्जियां नसीब नहीं
जेल मेन्यू में बाजार से खरीदारी का प्रावधान नहीं
 बंदियों और कैदियों को जेल में क्या नाश्ता और भोजन मिलेगा इसका मेन्यू तय है। मेन्यू के मुताबिक ही जेल में खाना और नाश्ता दिया जाता है। इसमें बंदियों और कैदियों के लिए सब्जियां बाजार में खरीदने का प्रावधान ही नहीं है। सब्जियां जेल में ही उगाई जाती हैं। जिला कारागार में सब्जियां न मिलने पर दूसरी जेलों से सब्जियां मंगाने की व्यवस्था है। 
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जेल मेन्यू पर गौर करें तो महीने में तीन बार बंदियों और कैदियों को पूड़ी और सब्जी दी जाती है। दिन में दो बार खाना और एक बार नाश्ता की व्यवस्था है। खाने में दोनों वक्त अलग-अलग दालें दी जाती हैं। गुरुवार को दिन में एक बार कढ़ी-चावल देने की व्यवस्था है। नाश्ते में रोज चाय और गुड दिया जाता है। मंगलवार और शनिवार को उबले हुए चने की व्यवस्था है। बुधवार और शुक्रवार को दलिया जबकि गुरुवार और सोमवार को पाओरोटी नाश्ते में दी जाती है। जेल में क्षमता से चार गुना ज्यादा बंदी और कैदी होने की वजह से यहां सब्जियों की भारी किल्लत रहती है।
 
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