-एटीएम चोरी कर 72 लाख रुपये के गबन का मामला
-13 कर्मचारियों के खिलाफ हो चुकी कार्रवाई
डाक विभाग में एटीएम कार्ड चोरी कर 72 लाख रुपये के गबन के मामले में जांच सीबीआई कर सकती है। इस संबंध में मुख्यालय को लिखा है। पूरे मामले में डाक मुख्यालय नई दिल्ली भी पड़ताल में जुटा हुआ है। डाक विभाग के इस घोटाला में अब तक 13 कर्मचारियों पर निलंबन की गाज गिर चुकी है। निलंबित कर्मचारियों के निलंबन की अवधि को भी बढ़ा दिया गया है।
डाक विभाग में घोटाले का मामला जुलाई के पहले सप्ताह में सामने आया था। इससे पहले पांच मई को पोस्टल ट्रेनिंग सेंटर मैसूर (पीटीसी) ने डाक विभाग को एक नोटिस भेजकर सहसवान के एक हाई रिस्क खाते को लेकर चेताया था। डाक विभाग ने पीटीसी के इस नोटिस को कोई तवज्जो नहीं दी। बाद में पता लगा कि डाक विभाग के कुछ कर्मचारियों ने दातागंज, गुन्नौर, बबराला, सहसवान, बिल्सी और बिसौली के उप डाक घरों के बंद पड़े करीब 38 मेन्युअल खातों को कंप्यूटराइज्ड करने के बाद मुख्य डाकघर के लिए ट्रांसफर कर दिया। इन खातों में करीब चार करोड़ रुपया दर्शा कर एटीएम कार्ड जारी करा लिए। इसके बाद 15 मार्च से 30 जून 2016 तक बदायूं और बरेली स्थित डाक घरों के एटीएम से 26 खातों से 72 लाख रुपये निकाले गए। सहसवान के एक खाते में 23 लाख रुपये की रकम होने का पीटीसी ने संज्ञान लिया। इस बारे में तत्कालीन मुख्य डाक अधीक्षक आरबी मिश्रा को पांच मई 2016 को नोटिस भी दिया। मामले में अब तक हुई जांच के बाद 13 डाक कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है। साइबर क्राइम के इस मामले में मेन्युअल जांच को लेकर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में डाक विभाग की ओर से सीबीआई की विशेष अपराध अनुसंधान शाखा के लिए इसकी जांच को लिखा गया है। पूरा मामला नई दिल्ली स्थित डाक मुख्यालय के संज्ञान में भी है। सूत्रों की मानें तो 72 लाख रुपये के इस घोटाला के मामले में सीबीआई जांच संबंधी जल्द आदेश आ सकता है।
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गबन मेरे समय का नहीं है। मामले में जांच चल रही है। अब तक जिन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई है उनको सस्पेंड किया जा चुका है। उच्च स्तर पर जांच सीबीआई से कराने की बात भी कही जा रही है। जांच पूरी होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। इस बारे में मैं ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
-अरविंद शर्मा, मुख्य डाक अधीक्षक