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डाक विभाग के कर्मी ने  फांसी लगाकर जान दी

Wed, 13 Jul 2016 12:16 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
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फांसी लगाकर जान दी - फोटो : अमर उजाला
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आत्महत्या को घोटाला से जोड़कर देखा जा रहा
विभाग में हुआ है 25 लाख रुपये का घोटाला
 डाक विभाग में सिस्टम मैनेजर के पद पर तैनात सचिन वर्मा नाम के युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सचिन की खुदकुशी को विभाग में हुए 25 लाख रुपये के घोटाला से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, एटीएम कार्ड चोरी और धोखाधड़ी के मामले में सचिन वर्मा नामजद नहीं था। घटना के बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने मौके से क्लू खंगाले हैं। मृतक के पिता कुमरपाल वर्मा की ओर से तहरीर दी गई है।
सिविल लाइंस थाने के मोहल्ला नेकपुर गली नंबर तीन निवासी सचिन वर्मा (29) पुत्र कुमरपाल वर्मा मुख्य डाक घर में सिस्टम मैनेजर के पद पर तैनात था। डाक विभाग में एटीएम कार्ड चोरी कर 25 लाख रुपये का घपला उजागर होने के बाद सचिन डिप्रेशन में था। उससे विभागीय अफसरों ने पूछताछ भी की थी। सचिन के पिता कुमरपाल का कहना है कि सोमवार रात 8:30 बजे वह घर पहुंचा। उसने बताया कि विभाग में बड़ा घोटाला हुआ है। अधिकारी उसको मानसिक रूप से प्रताड़ित कर जेल भिजवाने की धमकी दे रहे हैं। 
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सचिन के पिता का कहना है कि रात में ही उसके घर पर सचिन के स्टाफ का श्रीकांत वर्मा आया और सचिन को अपने साथ ले गया। एक घंटे बाद सचिन घर लौटा और अपने कमरे में चला गया। सुबह उसका शव कमरे में मिला। कुमरपाल वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि, पोस्टमार्टम में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है। पुलिस इसे विभाग में हुए 25 लाख रुपये के घोटाले में खुदकुशी से जोड़कर देख रही है। सचिन वर्मा अविवाहित था। परिवार वाले उसकी शादी के लिए लड़की की तलाश कर रहे थे। घटना के बाद उसके परिवार में कोहराम है। 
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है। मामला खुदकुशी का प्रतीत हो रहा है। डाक विभाग में हुए घोटाले की रिपोर्ट दर्ज कर पड़ताल की जार ही है। सचिन वर्मा से अब तक पुलिस ने कोई पूछताछ नहीं की है। घोटाला में वह नामजद भी नहीं है।-अनिल कुमार यादव, एसपी सिटी
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