शनिवार रात एक महिला बिसौली बस स्टैंड के पास बोलेरो से कूद गई थी। उसके चीखने चिल्लाने पर भीड़ जमा हो गई। महिला ने अपने साथ हुई दरिंदगी बयां की तो सब दंग रह गए। महिला ने बताया कि उसे दिल्ली के थाना नवी करीम इलाके के किला क्षेत्र से अगवा कर लाया गया था। सात दिन तक कई लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया। अपहर्ता उसे बेचने के लिए ले जा रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस महिला को कोतवाली ले लाई। पुलिस ने रविवार को बिना किसी कार्रवाई के उसे दिल्ली भेज दिया।
पुलिस की मनमानी अखबारों की सुर्खियां बनीं तो सोमवार को महकमा बैकफुट पर दिखा। एसएसपी सौमित्र यादव ने मामले में जांच सीओ सहसवान उमेश यादव को सौंपी है। इधर, महिला की तलाश में सोमवार को एक पुलिस टीम को भी दिल्ली भेज दिया गया है। वहां उसका बयान दर्ज किया जाएगा।
एक पुलिस टीम को दिल्ली भेजा गया है। स्थानीय लोगों के भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई होगी। महिला के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
-उमेश यादव, सीओ सहसवान
एक सफेदपोश के इशारे पर पुलिस ने किया खेल
सहसवान। कोतवाली पुलिस ने अपहरण के बाद गैंगरेप के मामले को एक सफेदपोश के इशारे पर रफा-दफा कर दिया। अब यह मामला पुलिस के गले की हड्डी बन गया है। जो न निगलते बन रहा है और न ही उगलते। इलाके के लोगों की मानें तो एक सफेदपोश ने मामले को रफा-रफा करने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया था।
सहसवान पुलिस ने मामले को रफा-दफा करने में जो दिलचस्पी दिखाई, अगर उतनी दिलचस्पी कार्रवाई में दिखाई होती तो पुलिस की इतनी किरकिरी न होती। अपहरण, मानव तस्करी और गैंगरेप जैसे मामले को दबाने में पुलिस ने कोई कसर बाकी नहीं रखी। पीड़िता को आनन-फानन में बैठाकर दिल्ली भेज कर अपना पल्लू झाड़ लिया। महकमा अब अपनी लाज बचाने के लिए उस महिला को तलाश करने में जुटी है। इसमें कामयाबी मिलती है या नहीं यह तो वक्त बताएगा, लेकिन एक सफेदपोश के करने पर पुलिस ने लीपापोती कर अपनी फजीहत जरूर करा ली। इलाके के लोगों में चर्चा यह है कि आखिर सफेदपोश ने पूरे मामले में दखल क्यों किया?