थाना क्षेत्र के गांव शरह बरौलिया में पुलिस जीप फूंकने वालों की धरपकड़ शुरू हो गई है। शुक्रवार को पुलिस ने गांव में दबिश भी दी। यहां कोई पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
शरह बरौलिया में मंदिर पर प्रसाद खाने से मंगलवार को गांव के गजराम के बेटे अंकित की मौत हो गई थी। वीरपाल का बेटा शिवम बीमार हो गया। बाद में शिवम ने भी बरेली के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। गुरुवार को गांव पहुंची पुलिस पर गांव के लोगों ने हमला बोल दिया। इस दौरान पुलिस की एक जीप को आग के हवाले भी कर दिया गया। मामले में 36 नामजद और 24 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों की तलाश में गांव में दबिश दी। पुलिस कार्रवाई के डर से गांव के अधिकतर पुरुष अपने घरों से भागे हुए हैं।
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हमला हुआ, बंधक नहीं बनाए गए थे पुलिस कर्मी
उघैती। थाना क्षेत्र के गांव शरह बरौलिया में हमला कर पुलिस जीप फूंकने के मामले में थानाध्यक्ष नरेेश कुमार कश्यप ने पुलिस टीम को बंधक बनाने की बात से इंकार किया है। एसओ का कहना है कि पुलिस टीम गांव में गश्त पर गई हुई थी। इस दौरान लोगों ने हमला कर दिया। जीप में उन्होंने आग लगा दी लेकिन किसी को बंधक नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ मुकदमा कायम किया जा चुका है। उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।