राकेश शर्मा को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस कोतवाली पहुंची। कोतवाली में जैसे ही उसे जीप से उतारा गया। प्रधान के समर्थकों ने उस पर हमला बोल दिया। किसी तरह से पुलिस ने राकेश को बचाया। किसी तरह से पुलिस ने आरोपी को लॉकअप तक पहुंचाया। चश्मदीद मनीष की मानें तो राकेश भी दीन मोहम्मद की बाइक पर था। फायर राकेश ने भी किया गोली उसके बराबर से निकल गई।
नामजदों में फरार दीन मोहम्मद के बारे में पुलिस का कहना है कि उसका आपराधिक रिकार्ड भी रहा है। दीन मोहम्मद पर हत्या, मारपीट और जानलेवा हमला समेत एक महिला को बहला कर उसके साथ रंगरेलियां मनाने का मामला दर्ज है। छह साल पहले उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोल दी गई थी। गांव की रंजिश में दीन मोहम्मद के भाई की भी हत्या हो चुकी है। प्रधानी के चुनाव के दौरान ही उसने उर्मिला समर्थकों को भी धमकाया था। पुलिस ने कैलाश की शिकायत पर दीन मोहम्मद को तलाश भी किया था लेकिन वह उस वक्त भी हत्थे नहीं आया।
कैलाश समेत बेटे को मारना था मकसद
उझानी। घटना के बाद मनीष ने बताया कि दीन मोहम्मद ने जैसे ही बाइक रोकने का इशारा किया, तभी वह समझ गया कि हमला होने वाला है। हालात भांप कर उसने बाइक दौड़ाई। गोली लगने के बाद बाइक फिसल जाती तो हमलावर कैलाश गुप्ता समेत उसकी जान ले लेते। मनीष का ननाखेड़ा में स्कूल है। वह रोजाना यहां स्थित घर से ननाखेड़ा पहुंच कर स्कूल का संचालन करता है।