बाईपास पर एपीएम कॉलेज के पास शनिवार रात अज्ञात राहगीर का शव पड़ा पाया गया। शव की शिनाख्त रविवार सुबह हाथरस के रामगोपाल के रूप में हुई। वह अपने साले के घर से परिचित व्यक्ति के ट्रैक्टर से निकला था। उसके सिर पर चोट का निशान था। मृतक के भाई ने ट्रैक्टर चालक पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को भी अवगत कराया। इस बीच, पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया, जिसमें सिर में चोट पाई गई।
अज्ञात व्यक्ति का शव शनिवार रात करीब 12 बजे बाईपास पर एमपीएम डिग्री कॉलेज के पास मिला था। पुलिस ने लोगों को बुलाकर शव दिखाया, लेकिन कोई उसे पहचान नहीं पाया। उसकी जेब में मिले पर्चे पर लिखे सेलफोन नंबर पर पुलिस ने कॉल की तो घरवालों को अवगत करा दिया गया। तड़के यहां पहुंचे घरवालों ने शव की शिनाख्त हाथरस जिले में मुडसान थाना क्षेत्र के गांव पटाखास निवासी रामगोपाल (56) के रूप में की। वह एक दिन पहले अपने साले मूसाझाग थाना क्षेत्र में गुलड़िया के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मी देवी चरन शर्मा के घर पहुंचा था।
मृतक के भाई रामकिशोर की माने तो रामगोपाल जब घर लौटने के लिए साले के पास से चला तो उसे उसी के गांव का सतीश मिला। सतीश ट्रैक्टर पर था। सतीश के कहने पर रामगोपाल भी ट्रैक्टर पर सवार हो गया। आरोप है कि रास्ते में सतीश और उसके साथी ने रामगोपाल की हत्या कर दी। सतीश ट्रैक्टर से भाड़े पर आलू की लोडिंग और अनलोडिंग का काम करता है। ट्रैक्टर मालिक राजस्थान का निवासी बताया गया है। हालांकि पुलिस को मौके पर हत्या जैसा कोई क्लू नहीं मिला, लेकिन कोतवाल गोपीचंद्र यादव का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट होना पाया गया। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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घरवालों ने ट्रैक्टर समेत चालक को दबोचा
उझानी। मृतक रामगोपाल के भाई रामकिशोर और बेटे आकाश ने बताया कि पुलिस से जब उन्हें घटना की सूचना मिली तो वह सबसे पहले ट्रैक्टर चालक सतीश के घर पहुंचे। सतीश ने उन्हें गुमराह करने वाली बातें बताईं। सतीश को ट्रैक्टर समेत दबोच कर घरवालों ने मुडसान पुलिस के हवाले कर दिया है। रामकिशोर ने यहां आकर सतीश की कोतवाली पुलिस से भी बात कराई।