स्पेशल जज एससी एसटी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने ग्राम प्रधान की हत्या में नामजद आरोपियों में से एक को उम्र कैद सहित 60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में छह आरोपियों को बरी किया।
हत्या की वारदात थाना रजपुरा में 18 फरवरी 2010 को हुई थी। गांव सिंधौली पूर्वी के रहने वाले वाली निरोत्तम सिंह ने 18 फरवरी 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका भाई मोहकम सिंह गांव का प्रधान था। प्रधानी के चुनाव के समय से गांव के प्रकाश चंद्र पक्ष के लोगों से रंजिश हो गई थी। उसका भाई गुन्नौर से बाइक से गांव लौट रहा था। उसके पीछे वादी अपने भतीजे के साथ आ रहा था। जब उसका भाई मोहकम बबराला-रजपुरा लिंक रोड के पास पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद शशि पुत्र प्रकाश चंद्र, नागेश और कई लोगों ने उसके भाई की बाइक रोक कर तमंचे से गोली मार दी। उसके भाई मोहकम की मौत हो गई।
विद्वान न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकील को सुनने के बाद हत्या में नामजद आरोपी शशि को हत्या का दोषी पाया। उसे उम्र कैद और 60 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। बाकी छह आरोपियों को कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। जुर्माना की आधी रकम बतौर मुआवजा पीड़ित पक्ष को देने का भी कोर्ट ने आदेश दिया है।