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अस्पताल के फर्श पर प्रसव जच्चा बच्चा दोनों मर गए

Sun, 04 Sep 2016 12:03 AM IST
बदायूं, ब्यूरो
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घर वालों ने कहा एक हजार नहीं थे तो भर्ती नहीं किया
-स्टाफ नर्स और उसके पति पर मुकदमा
 सेहत महकमा खुद कितना बीमार और असंवेदनशील हो चुका है इसकी नजीर शुक्रवार को एक बार फिर देखने को मिली। पीएचसी के गेट पर प्रसव पीड़ा से तड़पती महिला पर किसी कर्मचारी का दिल नहीं पसीजा, फर्श पर ही उसने एक बच्ची को जन्म दे दिया। घर वालों का आरोप है कि एक हजार रुपये की मांग कर रहे कर्मचारियों ने गंभीर हालत के बाद भी उसे न भर्ती किया और न उपचार ही दिया। दर्द से तड़पती महिला के रक्त स्राव शुरू हो गया और उसने फर्स पर ही बच्ची को जन्म दिया। बाद में मिन्नतें करने पर भर्ती तो कर लिया गया, मगर इलाज न होता देख परिवार वाले महिला और बच्ची को घर ले गए। नतीजा यह हुआ कि घर आते ही दोनों की मौत हो गई। शनिवार सुबह कस्बे के लोगों ने पीएचसी पर हंगामा किया तो पुलिस ने पहुंचकर मामला संभाला और स्टाफ नर्स व उसके पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अलापुर के वार्ड नंबर एक निवासी मुकेश की 38 वर्षीय पत्नी आशा देवी को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। परिवार वालों के अनुसार स्टाफ नर्स मीरा यादव ड्यूटी से लापता थी। परिजनों ने स्टाफ नर्स को फोन करके बुलाया तो वह अपने पति बबलू यादव के साथ पीएचसी पहुंची। मीरा यादव ने आशा देवी को भर्ती करने से इनकार कर दिया। आशा अस्पताल के गेट पर फर्श पर पड़ी तड़पती रही। यहीं उसने एक बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद आशा का रक्तस्राव रुक नहीं रहा था। मौके पर काफी भीड़ भी जमा हो गई। परिवार वालों के अनुसार, बार-बार मिन्नतें करने पर भी अस्पताल स्टाफ नहीं पसीजा। आशा को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया।
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बाद में दबाव बनने पर मीरा यादव ने आशा देवी को अस्पताल में भर्ती कर लिया और इलाज के लिए एक हजार रुपये की मांग की। उनके पास एक हजार रुपये नहीं थे तो आशा का इलाज ही नहीं किया गया। इस पर रात में ही परिवार वाले आशा देवी को लेकर घर चले गए। शनिवार तड़के आशा देवी की हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। बाद में नवजात की हालत भी बिगड़ने लगी। मुकेश उसे लेकर अस्पताल आ रहा था पर बच्ची ने रास्ते में दम तोड़ दिया। कस्बे के लोगों ने दोनों शव अस्पताल में रखकर हंगामा किया। जानकारी मिलने पर एसीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस ने स्थिति को संभाला। प्रभारी एसओ एपी सिंह ने बताया कि स्टाफ नर्स मीरा यादव और उसके पति बबलू यादव के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इधर, नर्स मीरा यादव ने रुपये मांगने के आरोप को नकारते हुए इस मामले को अपने खिलाफ कुछ लोगों की साजिश बताया है।
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मामले में जांच कराई गई है। एसीएमओ ने प्रारंभिक रिपोर्ट दे दी है। महिला को भर्ती कर लिया गया था। पता लगा है कि परिवार वाले उसे लेकर रात में घर चले गए थे। अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -सुनील कुमार, सीएमओ
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