पशु तस्करों का दुस्साहस फिर शुरू हो गया है। रविवार दो पुलिस और तस्करों के बीच काफी देर तक मुठभेड़ हुई। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पशुओं से भरे दो पिकअप वाहन पकड़ लिए। इनमें 13 जीवित और एक मृत पशु मिला। एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया है। वाहन रोकने के दौरान तस्करों ने थाने के दरोगा फूल सिंह को कुचलने की कोशिश की। इसमें वह बाल-बाल बचे। तस्करों ने पीछा कर रही पुलिस की जीप पर कई बार फायरिंग भी की।
पुलिस को लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि कादरगंज पुल के रास्ते प्रतिबंधित पशुओं की बड़ी खेप आ रही है। रविवार रात एसओ रुकुम सिंह यादव ने दरोगा अवधेश सिंह और फूल सिंह के नेतृत्व में दो टीमें बनाईं। पुलिस ने गंगा के कादरगंज पुल पर कासगंज की ओर से आ रहे पशुओं से भरे तीन पिकअप वाहनों को रोकना चाहा तो एक पिकअप चालक ने दरोगा फूल सिंह पर वाहन चढ़ा दिया। तीनों चालकों ने वाहनों को दौड़ा दिया। पुलिस ने पीछा किया तो पुलिस पर फायरिंग की।
एक वाहन थाने के पास बैरियर तोड़कर मोहन हलवाई की दुकान में घुस गया। जबकि एक वाहन के चालक ने वाहन को कटरा की ओर दौड़ा दिया। यह वाहन रेत में फंस गया तो तस्कर छोड़कर भाग गए। इधर थाने के सामने दुकान में घुसे वाहन के चालक शरीफ पुत्र बीरवल निवासी गांव रोंहदा थाना अरनिया (बुलंदशहर) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों वाहनों से पुलिस ने एक मृत और 13 जीवित पशु बरामद किए। तस्करों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के साथ गैंगेस्टर की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार तस्करों की पुलिस तलाश कर रही है।
डेढ़ माह पहले तस्करों कर दी थी सिपाही की हत्या
कादरचौक। कादरगंज पुल पर कासगंज पुलिस के सिपाही सोरन सिंह को पशु तस्करों ने पिकअप वाहन से कुचल दिया था। गंभीर घायल सोरन सिंह की इलाज के दौरान दो दिन बाद मौत हो गई थी। सोरन सिंह पटियाली थाने की कादरगंज पुलिस चौकी पर तैनात थे। उन्होंने पशुओं से भरे वाहन को रोकने की कोशिश की थी।