एनआरएचएम में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ था। इसकी जांच सीबीआई कर रही
है। जांच में पता लगा है कि बदायूं के साथ सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी
में सबसे ज्यादा घपले हुए। सीबीआई के देहरादून ऑफिस से बदायूं के सीएमओ को
दो बार नोटिस जारी कर एनआरएचएम से संबंधित सभी रिकार्ड तलब किए जा चुके
हैं। तीन अगस्त को जांच के लिए सीबीआई की एक टीम ने भी बदायूं पहुंच कर
जांच की थी। जिले में 2005 से 2008 तक के रिकार्ड गायब हैं। कई सीएचसी और
पीएचसी ऐसे हैं जहां करोड़ों रुपये तो खर्च हुए, लेकिन रिकार्ड मेंटेंन
नहीं किया गया।
काफी तलाशने के बाद भी यह रिकार्ड नहीं मिले हैं।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अफसर बार-बार सभी रिकार्ड उपलबध होने का दावा
कर रहे हैं। सीबीआई सूत्रों की मानें तो जांच एजेंसी ने अब तक की जांच में
जिले में तैनात रहे आठ सीएमओ की सूची तैयार की है। छह बाबू भी सीबीआई की
लिस्ट में हैं। रिकार्ड न मिलने की स्थिति में जांच एजेंसी इन सभी के खिलाफ
एफआईआर दर्ज करा सकती है। सीबीआई के सख्त रुख के बाद स्वास्थ्य विभाग में
हड़कंप हैं।
एनआरएचएम घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। जाहिर सी
बात है कि अगर कहीं पर गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर
दर्ज कर जांच एजेंसी कार्रवाई करेगी। यह बात सही है कि कुछ तत्कालीन सीएमओ
की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।-डॉ. सुबोध शर्मा, एडी हेल्थ