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अब मांस कारोबार पर होगी कब्जे की जंग

Tue, 05 Jul 2016 11:55 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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शहर में बचे मांस कारोबारियों के दो बड़े गुट
 शहर में मांस कारोबारियों के अब तक तीन गुट थे। फहीम की हत्या के बाद दो बड़े गुट बचे हैं। इनमें एक गुट लल्ला कुरैशी का है और दूसरा शेखूपुर का है। इन दोनों गुटों पर फहीम गुट भारी पड़ रहा था। नईम और अब फहीम की हत्या हो चुकी है। नईम गुट के मांस कारोबार पर किसका कब्जा होगा? यह तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन ये आशंका जताई जा रही है कि अब मांस कारोबार पर कब्जे को लेकर गैंगवार होगा।
शहर में मांस की दुकानों पर सप्लाई शेखूपुर के अलावा लल्ला कुरैशी और फहीम करता था। नईम का भाई होने की वजह से फहीम गुट ज्यादा असरदार था। जो मांस व्यापारी उससे मांस नहीं खरीदते थे, उनसे फहीम प्रति किलो मांस पर 10 रुपये वसूल करता था। लल्ला कुरैशी गुट इसका विरोध करता था। फहीम की हत्या के बाद मांस के कारोबार पर एकछत्र राज के लिए लल्ला कुरैशी और शेखूपुर गूट के बीच गैंगवार की आशंका से पुलिस भी इंकार नहीं कर रही।
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बंद गली से घर में घुसकर भाग गया नन्हा
बदायूं। फहीम कुछ समझ पाता इससे पहले ही नन्हा ने उस पर छुरे से वार कर दिया। इसके बाद फहीम के साथियों ने फायरिंग की। नन्हा का मांस की दुकान के बराबर में ही एक गली है। यह गली बंद है, वह सीधे गली में गया। इसके बाद एक घर में घुस कर निकल भागा। घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसएसपी सुनील सक्सेना ने भी इस बंद गली और यहां के घरों का मुआयना किया। 
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फहीम का बड़ा भाई है राशन डीलर
बदायूं। फहीम तीन भाई थे। नईम की पहले ही हत्या हो चुकी है। फहीम का बड़ा भाई जहीम राशन डीलर है। वह नई सराय में राशन की दुकान चलाता है। मांस कारोबार से उसका कोई सरोकार नहीं है। दो भाइयों नईम और फहीम की हत्या के बाद मांस कारोबार जहीम शुरू करेगा या नहीं इसको लेकर अभी अटकलें चल रही हैं। 
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घंटों अस्पताल में जमे रहे अफसर
बदायूं। कहीं कोई वारदात और न हो जाए, इस आशंका मात्र से ही पुलिस अफसर जिला अस्पताल में मय फोर्स के डटे रहे। जब फहीम के परिवार की महिलाएं पहुंची तो कुछ लोग आवेश में आ गए। पुलिस ने सूझबूझ से काम लेकर उनको शांत किया। आरोपियों की तलाश में टीमें लगाईं, लेकिन कोई आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा।
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