करलावाला में डकैती, हत्या की वारदात के बाद मौका मुआयना करने पहुंचे डीआईजी आरकेएस राठौर ने दोनों घटनाओं का 48 घंटे के भीतर पर्दाफाश करने का दावा किया है। हालांकि दोनों वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह को पुलिस अब तक ट्रेस नहीं कर सकी है। शुक्रवार की रात बिसौली में हाईवे किनारे किराना व्यापारी कुलदीप यादव के घर में लाखों की डकैती पड़ी थी। बदमाशों ने संख्या सात-आठ थी। बदमाशों ने वारदात के दौरान कुलदीप की रॉड और धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी थी। करलावाला में भी वारदात को इसी तरह से अंजाम दिया गया। गौर करने वाली बात यह है कि पुलिस करलावाला में मौका मुआयना करती रही और बदमाश सेटा खेड़ा में लूटपाट।
ततीर के घर में बदमाश रात 12 बजे घुसे। खबर मिलने पर रात में 12.30 बजे गश्त कर रहे सिपाही भोजराज शर्मा और ताहिद मौके पर पहुंचे। तब तक बदमाश फरार हो चुके थे। सिपाहियों ने खबर बिसौली कोतवाली दी। सीओ राजवीर सिंह और एसओ कश्मीर सिंह यादव फोर्स के साथ करलावाला पहुंचे। पुलिस यहां मौका मुआयना करती रही और पड़ोसी गांव सेटाखेड़ा में बदमाश लूटपाट में जुटे रहे। पुलिस का सूचना तंत्र फेल होने से बदमाश तीन वारदातों को अंजाम देकर बचकर निकल गए। डीआईजी आरकेएस राठौर ने एसएसपी सौमित्र यादव, एसपी देहात बालेंदूभूषण सिंह से बात करने के बाद इन घटनाओं का 48 घंटे में वर्कआउट करने का दावा किया है, लेकिन यह दावा किस आधार पर किया गया? अफसरों के पास इस बात का जवाब नहीं है। पुलिस के पास अब तक कोई ठोस क्लू नहीं है। किसी गिरोह को भी अब तक ट्रेस नहीं किया जा सका है।
चौकीदार को नहीं पता थानेदार का नाम
करलावाला पहुंचे डीआईजी आरकेएस राठौर ने गल्ला व्यापारी ततीर खां के परिवार वालों से बात करने के बाद गांव के चौकीदार कालीचरन से बात की तो वह एसओ और चौकी इंचार्ज का नाम तक नहीं बता सका। इस पर नाराजगी जताते हुए डीआईजी ने एसएसपी सौमित्र यादव को चौकीदार को बर्खास्त करने के आदेश दिए। चौकीदार से घटना की सूचना थाने पर न देने की वजह पूछने पर उसने बताया कि वह थाने में ड्यूटी कर रहा था।