सोमवार की रात जिले में आई तेज आंधी कई परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म दे गई है। प्रशासन आंधी से हुई जन-धन हानि का आकलन कर रहा है। आंधी में दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दीवारें और पेड़ गिरने से दो दिन में छह लोगों की मौत हो चुकी है।
आंधी ने सबसे ज्यादा नुकसान सहसवान तहसील क्षेत्र में पहुंचाया है। यहां सादपुर गांव में दीवार गिरने से जुगेंद्र की पत्नी सर्वेशा और पुत्र सीताराम की मौत हो गई। भगतानगला गांव में पेड़ गिरने से रामस्वरूप के पुत्र भिखारी की जान चली गई। उघैती थाने के गांव बुधनगर में मनवीर के 12 वर्षीय पुत्र समीर की मौत हो गई थी।
आंधी की वजह से मौतों का सिलसिला मंगलवार और बुधवार को भी जारी रहा। आंधी से टूटी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर मंगलवार दोपहर सिविल लाइंस थाने के गांव सिरसाठेर में भगवानदास के 12 वर्षीय पुत्र कामेश की मौत हो गई। मंगलवार रात आंधी से टूट कर सड़क पर गिरे पेड़ से बाइक टकराने से कासगंज के थाना मारहरा अंतर्गत गांव अफजलपुर जरेठा निवासी शैलेंद्र की मौत हो गई। बुधवार को जरीफनगर थाने के गांव भोगाजीत नगरिया में इकबाल का आठ वर्षीय पुत्र अफजाल आंधी में हिला पेड़ गिरने से इसकी चपेट में आकर मर गया। हादसों में करीब दो दर्जन लोग घायल भी हुए हैं। प्रशासन दूसरे दिन भी आंधी से हुए नुकसान का आंकलन करने में जुटा रहा।
आंधी से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाएगा। नुकसान की रिपोर्ट जल्द तैयार हो जाएगी।
-आरपी यादव, एडीएम वित्त/प्रभारी अधिकारी राहत