फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नरौरा नहर कांड का रहस्य और गहराया

Sun, 28 Aug 2016 12:37 AM IST
ब्यूरो /बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन
 नरौरा की नहर में मिली कार का रहस्य और गहराता जा रहा है। कार में एक परिवार के तीन शव मिलने के बाद अभी लापता तीन अन्य लोगों का कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस भी इसे महज एक हादसा मानकर चल रही है, लेकिन हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। अगर कई बिखरी कड़ियों को एक साथ जोड़कर देखें, तो आशंकाओं के बादल गहरा रहे हैं। हालांकि शक की सुई लापता प्रीति और तांत्रिक पर ही टिकती नजर आ रही है, लेकिन इसी परिवार के तीन लोगों का बदायूं में ही रह जाना भी संदेह पैदा कर रहा है। बदायूं पुलिस कोई तहरीर मिलने से ही इंकार कर रही है। नरौरा पुलिस इसे हादसा बताकर अपना पल्लू छाड़ने का काम कर रही है।
विज्ञापन

बताते चलें कि गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर थाना क्षेत्र के ललित कुमार पुत्र राजे ने बताया था कि उसके साथ पिता राजे, मां धर्मवती, बहन प्रीति, पत्नी शीतल, मामा राजेंद्र, मामी प्रीति, भगत सलीम और ड्राइवर ओमपाल किराए की ईको कार से बड़ी जियारत पर मन्नत मांगने के लिए आए थे। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे वह लोग बड़ी दरगाह पहुंचे थे। वहां पर चादर और फूल चढ़ाकर वह बंटी ढ़ाबे के पास खड़ी कार में आराम करने लगे थे। शाम करीब सात बजे उसकी बहन प्रीति और मां धर्मवती एक बड़ी बोतल में कोल्ड ड्रिंक लेकर आईं। ये सभी को पिलाई गई। इसके बाद उन लोगों पर बेहोशी सी छा गई। वे कार में ही बेसुध हो गए।
ढ़ाबे के किनारे खड़ी गाड़ी में बैठे लोगों के शांतचित्त लेटने पर आसपास के लोगों ने लालपुल चौकी इंचार्ज को रात करीब डेढ़ बजे सूचना दी। चौकी इंचार्ज अजय यादव मौके पर पहुंचे थे। वहां पर होश में मिली प्रीति से रुकने की वजह पूछी? इस पर प्रीति ने कहा कि वे लोग  थक गए हैं। थोड़ी देर में चले जाएंगे। पुलिस के पूछताछ करने पर वह कुछ घबराई सी भी नजर आई थी। चौकी इंचार्ज ने सुरक्षा के लिहाज से चीता-वन को मौके पर छोड़ दिया था।
विज्ञापन

00
कौन था जींस और टी शर्ट पहने लड़का
चीता वन के सिपाही सोनू और जोगेंद्र के मुताबिक रात करीब दो बजे प्रीति के साथ एक और लड़का आया, जो जींस और टी शर्ट पहने था। वह गाड़ी के इर्द गिर्द ही मंडराता रहा। सिपाहियों की मानें तो यही लड़का गाड़ी लेकर गया। शहर से रात में जाने के बाद करीब 96 किलोमीटर दूर जाकर नरौरा नहर में ये कार पड़ी मिली। कार में राजे, धर्मवती और प्रीति पत्नी राजेंद्र की लाश मिली थी। जबकि इस कार में सवार चालक ओमपाल, भगत सलीम, प्रीति और अज्ञात लड़का लापता था। ललित के मुताबिक केवल नौ लोग नोएडा से आए थे, जबकि पुलिस के मुताबिक यहां से दसवां व्यक्ति कार चलाकर ले गया था। प्रीति पुत्री राजे यहीं पर उतर गई थी। इससे प्रीति पर सभी का शक गहरा रहा है।
00
...आखिर तीन लोग कैसे छूट गए
बेहोशी की हालत में यहां रह गए ललित का कहना है कि घर से नौ लोग यहां आए थे, सवाल ये उठ रहा है कि फिर तीन लोग यहां कैसे छूट गए? अगर मान लिया जाए कि प्रीति और अज्ञात लड़के ने कोई साजिश रची तो वह यहां परिवार के तीन लोगों को क्यों छोड़ गए? उसमें ललित, उसकी पत्नी और मामा राजेंद्र आखिर कैसे रह गए। अगर एक लड़का कार लेकर गया तो वह इन तीनों को कैसे छोड़ गया? इन सवालों के जवाब अभी पुलिस को तलाशने हैं, लेकिन दोनों जिलों की पुलिस इस रहस्यमयी कांड से पर्दा हटाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है। 
000000000000000
...सबसे पिछली सीट पर थे तीनों लोग
नरौरा नहर से जो कार निकाली गई, वह नौ सीटर थी। पहले ड्राइविंग सीट, फिर तीन-तीन सीटर तो लाइन थीं। सबसे पिछली सीट पर तीन लाश राजे, उनकी पत्नी धर्मवती और सलहज प्रीति पत्नी राजेंद्र के शव मिले थे। बीच वाली सीट का गेट टूटा हुआ था। ड्राइविंग सीट साइड का गेट खुला था। राजे की लड़की प्रीति, कार चालक ओमपाल और सलीम भगत कहां गए? मौके पर गए लोगों ने बताया कि जिस जगह से गाड़ी गिरना बताया जा रहा है, वहां रेलिंग पहले से टूटी हुई है। 
00
...दम घुटने से हुई तीनों की मौत
शुक्रवार को कार में मिले तीन शव का पोस्टमार्टम किया गया। पीएम रिपोर्ट के अनुसार उसमें मौत का कारण दम घुटना दर्शाया गया है।  पानी में गाड़ी जाने के कुछ देर बाद दोनों की सांसे थम गईं। उनको नशीला पदार्थ खिलाया गया कि नहीं? इसके लिए बिसरा प्रिजर्व करना चाहिए था, लेकिन वह प्रिजर्व नहीं गया। बताया जाता है कि नियम है कि अगर वादी पक्ष लिखित रूप से कोई शक जाहिर करता है, तभी बिसरा प्रिजर्व किया जाता है। वादी पक्ष की ओर ऐसा नहीं किया गया। सवाल ये भी है कि अगर ललित ने अपनी बहन पर कोल्ड ड्रिंक में कुछ मिलाने का शक जाहिर किया था, तो उसे बिसरा प्रिजर्व कराने के भी प्रयास करने चाहिए थे? लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे शक की सुई और गहरा रही है।
0000
वर्जन-
ढ़ाबे पर तमाम जायरीन आते हैं। हम लोग इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते कि कौन जायरीन कहां से आया है। खाने-पीने के बाद जायरीन चले जाते हैं। गुरुवार और शुक्रवार को आने वाले जायरीन की तादाद ज्यादा रहती है। कौन जायरीन आए और किसने खाने-पीने के लिए क्या लिया? इस बारे में जानकारी रखना मुश्किल होता है।
-शंकर लाल, बंटी ढ़ाबा संचालक
वर्जन-
इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है। ये लोग इलाज के लिए बदायूं आए थे। कुल नौ लोग में छह लोग इको कार से नोएडा के लिए रवाना हो गए, तीन लोग  बदायूं में रुक गए थे। हम अपने स्तर से पड़ताल कर रहे हैं। अभी इस बारे में कुछ ज्यादा नहीं कह सकता।
विज्ञापन

-एसपी उपाध्याय, इंस्पेक्टर कोतवाली
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें