मूसाझाग थाने में गैंगरेप के आरोपी बर्खास्त सिपाही वीरपाल यादव की कारगुजारियां एक-एक कर सामने आ रहीं हैं। उसकी दबंगई की हद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि थाने की एके-47 रायफल उसके पास रहती थी।
वह कानून को पलीता लगाकर अक्सर एके-47 ले जाता था। हालांकि नियम यह है कि यह अत्याधुनिक रायफल थानाध्यक्ष की हमराही में रहेगी।
मूसाझाग थाने के लिए एक एके-47 रायफल आवंटित है। यह तो पहले ही साफ हो चुका है कि थाने में एसओ रामलखन यादव सिर्फ नाम के थे। थाना वीरपाल यादव चलाता था। राजनीतिक संरक्षण में थाने की हवालात का इस्तेमाल ग्रामीणों को प्रताड़ित करने और वसूली के लिए करता था।
हवालात की एक चाबी भी उसके पास रहती थी। अब वीरपाल का नया कारनामा सामने आया है। वह थाने की एके-47 रायफल अपने पास रखता था। नियमों को पलीता लगाकर थाने का हेडमोहर्रिर एके-47 रायफल वीरपाल को दे देता था। यह बात खुद आईजी जोन विजय मीणा ने भी स्वीकार की है।