कस्बे
के गद्दीटोला मोहल्ले में
ममेरे भाई की शादी में शामिल
होने गाजियाबाद से आए बबलू
मौर्य (27)
और उनकी
पत्नी गुड़िया (25)
की
शुक्रवार रात गला दबाकर हत्या
कर दी गई। दोनों के साथ हत्या
से पहले मारपीट भी की गई।
गुड़िया की लाश बाहर से बंद
कमरे में और बबलू का शव खेत
में मिला। दंपति की हत्या की
वजह बबलू द्वारा मकान के विवाद
में अपने एक ममेरे भाई की पैरवी
करना बताया जाता है। कांति
देवी ने बेटा और बहू की हत्या
में तीन लोगों को नामजद कराया
है,
जिसमें
से एक आरोपी को हिरासत में ले
लिया है। बबलू मूल रूप से उझानी
का निवासी था। करीब तीन साल
पहले वह परिवार समेत गाजियाबाद
चला गया था,
जहां
वह घरों में पानी की टंकी की
फिटिंग का काम करता था।
वारदात
की खबर शनिवार दोपहर लगी,
जब कांति
देवी पत्नी स्व.
धनपाल
को बहू-बेटा
नहीं दिखे। कांति ने कमरे के
बाहर ताला पड़ा देखकर आसपास
के लोगों को बुला लिया। मौके
पर पहुंचे लोगों ने कमरे का
ताला तोड़ा तो देखा कि चारपाई
पर गुड़िया की लाश पड़ी थी।
गुड़िया का गला उसके दुपट्टे
से दबाया गया था। कुछ देर बाद
ही लोगों ने बबलू का शव बाईपास
पर छदम्मी के खेत में पड़ा
देखा। बबलू का गला दबाने में
उनकी टी-शर्ट
का इस्तेमाल किया गया है।
कांति
देवी के चीखते-चिल्लाते
कोतवाली पहुंचने पर पुलिस
मौके पर पहुंची। पुलिस के
मुताबिक बबलू अपने ममेरे भाई
अरुण की शादी में शामिल होने
के लिए तीन दिन पहले गाजियाबाद
से पत्नी और बेटे सौरभ (पांच)
के
साथ घर आए थे। मां कांति देवी
बबलू से दो दिन पहले आ गई थीं।
कांति देवी ने बताया कि उनके
परिवार के छदम्मी और भोला के
बीच मकान को लेकर रंजिश चल रही
है। सौतेले मामा छदम्मी के
विरोध में बबलू ने भोला की
पैरोकारी करते हुए गवाही दी
थी। पुलिस ने कांति की तहरीर
पर अपने सौतेले भाई छदम्मी,
उनके
बेटे रूपचंद्र और नाती लकी
को नामजद करते हुए रिपोर्ट
दर्ज कर ली है। सीओ नरेंद्रपाल
सिंह ने बताया कि लकी को पुलिस
ने हिरासत में ले लिया है।