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विधायक आबिद के मैरिज लॉन का निर्माण रुकवाया

Sat, 13 Aug 2016 11:52 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
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विधायक आबिद के मैरिज लॉन का निर्माण रुकवाया - फोटो : अमर उजाला
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सोत नदी किनारे कराया जा रहा था अवैध निर्माण 
सोत नदी किनारे विनियमित क्षेत्र की स्वीकृति के बिना बनाए जा रहे मैरिज लॉन का निर्माण सिटी मजिस्ट्रेट एके श्रीवास्तव ने शनिवार को रुकवा दिया। यह मैरिज लॉन सपा से निष्कासित सदर विधायक आबिद रजा बनवा रहे थे। बिना स्वीकृति मैरिज लॉन का निर्माण कराने पर विनियमित क्षेत्र की ओर से विधायक को नोटिस भी जारी किया गया है। तहसील प्रशासन ने भी इस जमीन के संबंध में पड़ताल शुरू कर दी है। विधायक के मैरिज लॉन का निर्माण रुकवाए जाने के बाद बाकी कब्जेदारों में भी हड़कंप मच गया है।
सोत नदी के पूर्वी तट पर एक बड़े भू-भाग पर करीब डेढ़ साल से एक मैरिज लॉन का निर्माण चल रहा था। मैरिज लॉन का निर्माण आबिद रजा करा रहे थे। सिटी मजिस्ट्रेट/प्रभारी अधिकारी विनियमित क्षेत्र एके श्रीवास्तव को शिकायत मिली कि मैरिज लॉन का निर्माण बिना स्वीकृति और नक्शा के कराया जा रहा है। पड़ताल में शिकायत सही निकली। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर निर्माण रुकवा दिया। सिटी मजिस्ट्रेट एके श्रीवास्तव का कहना है कि पड़ताल की जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण कराया जाएगा।
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...बड़े सफेदपोश के इशारे पर कार्रवाई
शहर विधायक आबिद रजा का दावा है कि मैरिज लॉन का निर्माण स्वीकृत नक्शा के आधार पर वैध तरीके से कराया जा रहा था। एक बड़े परदेशी नेता के इशारे पर प्रशासन उनको परेशान कर रहा है। सवाल उठाया कि निर्माण डेढ़ साल से चल रहा था। अगर निर्माण अवैध था, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? परदेशी नेता विधानसभा सत्र का इंतजार करें। उनका काला चिट्ठा सामने आ जाएगा।
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मैरिज लॉन का निर्माण अवैध रूप से कराया जा रहा था। इसे रुकवा दिया गया है। बाकी पड़ताल की जा रही है। राजस्व विभाग से भी भूमि संबंधी अभिलेखों की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-एके श्रीवास्तव, सिटी मजिस्ट्रेट/प्रभारी अधिकारी विनियमित क्षेत्र

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सोत की 50 से घटकर पांच मीटर रह गई चौड़ाई
एक दशक से हो रहे सोत नदी के फाट पर कब्जे
 शहर की पूरब दिशा में बहने वाली सोत नदी के फाट पर कब्जे करीब एक दशक पहले शुरू हुए थे। सब कुछ जानने के बाद भी प्रशासन अनजान बना रहा। सोत के फाटों को अवैध कब्जेदार निगल गए। राजस्व रिकार्ड पर गौर करें, तो लालपुल के पास सोत नदी की चौड़ाई करीब 50 मीटर होनी चाहिए, लेकिन मौके पर चौड़ाई सिर्फ पांच मीटर ही बची है। काबिलेगौर यह है कि सोत के फाटों पर कब्जा करने वाले ज्यादातर लोग सफेदपोशों के करीबी हैं। 
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सोत नदी के दोनों फाटों पर करीब एक दर्जन अवैध निर्माण हैं। कई निर्माण तो नदी के भीतर तक किए गए हैं। पिछले साल सोत नदी के फाटों पर हो रहे कब्जों के मामले ने जोर पकड़ा, तो तत्कालीन एसडीएम प्रदीप यादव और तहसीलदार राजमणि मिश्रा ने कई निर्माणों को ध्वस्त कराया था। कब्जा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। बाद में तत्कालीन डीएम शंभूनाथ ने जांच के लिए राजस्व विभाग की एक टीम भी बनाई थी। इसके बावजूद सोत पर हो रहे कब्जों का सिलसिला चलता रहा। जहां से निर्माण ध्वस्त कराए गए थे, उन स्थानों पर फिर से निर्माण हो गया। 
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राजस्व रिकार्ड की जांच कराकर पता किया जाएगा कि किन स्थानों पर नाजायज कब्जे किए गए हैं। कब्जा करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
-जंगबहादुर यादव, एसडीएम सदर
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