एक मार्च को चार लड़कियां कूदी थीं डीसीएम से
एक घायल किशोरी को डीसीएम चालक ले गया था
आठ दिन के बाद अगवा किशोरी मेरठ के एक अस्पताल से मिल गई है। एक मार्च को उसे घायल अवस्था में एक डीसीएम चालक अपने साथ ले गया था। पुलिस टीम मेरठ से उसे ले आई है। अब उसकी हालत सामान्य है।
कुंवरगांव थाने के गांव वनगांवा निवासी कुसुमा (10) पुत्री नरेश, रीना (10) पुत्री श्रीपाल, लक्ष्मी (10) पुत्री पोशाकी और मधु (40) पुत्री होतम एक मार्च को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में भगवतीपुर गांव के पास आलू बीनने आई थीं। यहां से अपने गांव जाने के लिए चारो लड़कियां डीसीएम में सवार हो गई थीं। लड़कियों ने डीसीएम चालक से कुनार गांव के पास रुकने को कहा था। डीसीएम चालक ने जब यहां पर डीसीएम नहीं रोकी तो चारो लड़कियां चलती हुई डीसीएम से कूद गईं। इसमें मधु गंभीर घायल हो गई। डीसीएम चालक मधु को अपने साथ ले गया। मामले में वजीरगंज थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था।
मंगलवार रात मेरठ के एक अस्पताल से कुंवरगांव थाने फोन आया। बताया गया कि मधु नाम की लड़की यहां भर्ती है। कुंवरगांव पुलिस ने इस बारे में वजीरगंज पुलिस को बताया। इसके बाद वजीरगंज थाने की एक टीम को मेरठ भेजा गया। यह टीम मधु को लेकर यहां आई और उसके घर भेज दिया। मधु की हालत अब सामान्य है।