प्रेमिका ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर दिया वारदात को अंजाम
एसएसपी और सीओ बिसौली क्षेत्र ने किया मौका मुआयना
आरोपी महिला समेत दो आरोपी पुलिस ने पकड़े, एक फरार
विवाहेत्तर संबंध के चलते युवक वंशीधर की पीटने के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने महिला और उसके दो साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी महिला और उसके एक साथी को भी पकड़ लिया। पूछताछ में महिला ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव घरवालों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। शरीर पर आठ चोटों के निशान भी पाए गए हैं। एसएसपी सुनील सक्सेना ने मौका मुआयना कर तीसरे आरोपी को पकड़ने के निर्देश दिए हैं।
बगरैन चौकी क्षेत्र के ग्राम गौटिया के मजरा गरगईया के 30 वर्षीय वासुदेव उर्फ वंशीधर के गांव के ही भूरेलाल की पत्नी नन्हीं देवी से संबंध थे। शुक्रवार की रात करीब साढ़े 10 बजे वंशीधर के मोबाइल पर किसी की कॉल आई। वह रात में पत्नी को मोबाइल चार्ज करने की बात कहकर चला गया। घर से निकलकर वह करीब पांच सौ मीटर दूरी पर स्थित नन्हीं देवी के घर पर पहुंचा, तो वहां पहले से लख्मी पुत्र वेदराम और स्वराज पुत्र जयसिंह मौजूद थे। बताते हैं कि वासुदेव ने जब उन्हें देखा तो वह भड़क गया। उसने नन्हीं के साथ लख्मी और स्वराज को खरी-खोटी सुनाईं। आरोप है कि इस पर तीनों ने मिलकर उसे पीटा और गला घोटकर मार डाला। बाद में लाश को बगल में खाली प्लॉट में घूरे के पास फेक दिया।
शनिवार सुबह घर से निकले ग्रामीणों ने वासुदेव का शव सड़क किनारे पड़ा देखा, तो सूचना उसके घरवालों को दी। वासुदेव की पत्नी मुन्नी देवी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। उन पर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस तीनों के खिलाफ हत्या कर लाश फेकने की रिपोर्ट दर्ज कर नन्हीं देवी और लख्मी को पकड़ लिया। दोनों ने पुलिसिया पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार कर ली है। वजीरगंज थाना एसओ मेराज अली के मुताबिक मामला विवाहेत्तर संबंध का था। वहां पर लड़ाई होने की वजह से युवक की हत्या की गई।
एसएसपी ने एसओ और चौकी इंचार्ज को फटकारा
वजीरगंज। एसएसपी सुनील सक्सेना ने मौके पर पहुंचकर एसओ मेराज अली को फटकार लगाई। कहा कि चंद रोज में उनके क्षेत्र में यह पांचवीं हत्या है। बोले, हत्या और लूट करने वालों पर गैंगस्टर लगाएं। फर्जी एफआईआर करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएं। वहीं बगरैन चौकी इंचार्ज विनय यादव को चौकी पर मौजूद देखकर लताड़ा। कहा, सुधर जाओ। दो आरोपियों के पकड़ जाने पर उनका गुस्सा शांत हुआ। घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना भी किया।
दिल्ली में काम करता नन्हीं का पति
वजीरगंज। वासुदेव की हत्या में शामिल नन्हीं देवी का पति भूरेलाल दिल्ली में रोजी-रोजी कमाने के लिए काम करता है। इस वजह से वह घर पर नहीं रह पाता था। इसका फायदा उठाते हुए नन्हीं देवी ने गांव के कई लोगों से अवैध संबंध बना लिए थे। इनमें से मृतक वासुदेव और अन्य दोनों हत्यारे भी शामिल हैं।
वासुदेव की चाची लगती थी नन्ही देवी
बदायू। गांव के रिश्ते के हिसाब से नन्ही देवी का पति भूरे लाल और वासुदेव का पिता भाई लगते थे। इस लिहाज से नन्हीं देवी वासुदेव की चाची लगती थी। बावजूद इसके दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग की चर्चा से पूरा गांव वाकिफ था, लेकिन बिना वजह का कोई पंगा न लेने की वजह से लोग कहने से कतराते थे।
इकलौते बेटे का शव देख बेसुध हो गए रामकिशोर
ढाई साल के बच्चे के सिर से उठ गया बाप का साया
किसी भी बाप के लिए सबसे कठिन पल वे होते हैं, जब उनके बेटे की मौत उसके सामने हो जाए। रामकिशोर के लिए यह पल और भी गमगीन थे, क्योंकि वासुदेव उनका इकलौता बेटा था, उसके पालन-पोषण में उन्होंने कोई कमी नहीं रखी थी, उसकी हत्या होने की सूचना पाकर वह बेसुध से हो गए। वहीं वासुदेव के ढाई साल के बेटे के सिर से बाप का साया उठ गया।
ग्रामीणों के मुताबिक रामकिशोर अपने इकलौते बेटे वासुदेव की हर जिद को पूरा करते थे। वह खुद दर्द सहने के बावजूद उसे किसी कमी महसूस नहीं होने देते थे। यही वजह थी कि वासुदेव स्वछंद विचारों वाला नवयुवक था। शादी होने के बाद भी वह खुद को बंधन मुक्त मानने लगा था। उसके विवाहेत्तर संबंध थे। शायद यही वजह थी कि रात में कॉल आने पर वह अपनी प्रेमिका से मिलने चला गया, जहां उसकी हत्या कर दी गई। बेटे की लाश देखकर रामकिशोर कह रहे थे कि अब उनको आग देने वाला उनसे पहले ही चला गया। साथ ही आरोपी महिला नन्हीं देवी और उसके साथियों पर हत्या करने का आरोप लगा रहे थे, लेकिन वह प्रेम-प्रसंग की बात खारिज कर रहे थे। कह रहे थे कि उनको बेटे के प्रेम-प्रसंग की जानकारी नहीं थी।