अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने दहेज हत्या में नामजद पति को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद सहित 26 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
दहेज हत्या की वारदात थाना बिसौली के गांव पुरोहित खेड़ा में पांच जून 2009 को हुई थी। वादी मुकदमा पप्पू उर्फ हरवेंद्र ने अपनी बहन रेखा का विवाह अर्जुन पुत्र हरनाम सिंह के साथ किया था। उसकी बहन के ससुराल वाले दिए गए दहेज से खुश नहीं थे और कम दहेज लाने का ताना देकर विवाहिता से मारपीट करते थे। उसकी बहन को दो वर्षीय बेटे के साथ घर से निकाल दिया, जो दिल्ली में दूसरे भाई के पास रहने लगी और कडकडडूमा कोर्ट दिल्ली से आरोपी अर्जुन के खिलाफ हर्जा-खर्चा का मुकदमा दायर कर दिया। आरोपी को मुकदमे की जानकारी हुई तो वह पत्नी की हत्या करने की योजना बनाकर उसको बुलाकर ले गया कि अब परेशान नहीं करेंगे। आरोपी अर्जुन ने पांच जून 2009 को कम दहेज लाने की वजह से पत्नी को जलाकर मार दिया और लाश गायब कर दी। विद्वान न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रेमबाबू और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद आरोपी पति अर्जुन पुत्र हरनाम सिंह को 10 साल की कड़ी कैद सहित 26 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई, जबकि अन्य नौ आरोपियों को बरी कर दिया।