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लूट के बाद हत्या कर फेंकी गई थी प्यारे की लाश

Fri, 09 Sep 2016 11:36 PM IST
ब्यूरो /बदायूं
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सौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पनौड़ी में मंगलवार को मिली अज्ञात लाश की शिनाख्त हो गई है। मृतक कुंवरगांव थाने के गांव हरहरपुर का निवासी प्यारे लाल था। उसकी लूट के बाद हत्या की गई थी। सोमवार को वह घर से दो लोगों के साथ 2.80 लाख रुपये लेकर जमीन का बैनामा कराने को निकला था। कुंवरगांव थाने के गांव हरहरपुर निवासी प्यारे लाल (40) पुत्र कल्यान के गांव के ही ओमकार पर एक लाख रुपये उधार आ रहे थे। रुपयों के बदले ओमकार ने अपनी जमीन का सौदा कर दिया था। मंगलवार को प्यारे लाल जमीन का बैनामा कराने के लिए ओमकार और बरेली के थाना आंवला के गांव धर्मपुर निवासी भजन लाल के साथ घर से निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। अगले दिन प्यारे लाल का शव बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव पनौड़ी में एक ढाबा के पास मिला। ढाबा मालिक जोगेंद्र सिंह ने यहां से भजनलाल को पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द भी किया था। पुलिस ने उसे चाकू रखने के आरोप में जेल भेज दिया था। काफी कोशिश के बाद भी शिनाख्त न होने पर पुलिस ने शव लावारिस में दर्ज कर मोर्चरी में रखवा दिया। 
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प्यारे लाल घर नहीं पहुंचा, तो उसकी पत्नी अनीता ने अपने जेठ रामभरोसे को इस बारे में बताया। राम भरोसे को अखबारों के जरिए पता लगा कि बिसौली के गांव पनौड़ा में अज्ञात शव मिला है। वह शिनाख्त के लिए मोर्चरी पहुंचा। यहां उसने शव की शिनाख्त प्यारे लाल के रूप में की। मृतक के परिवार वालों का आरोप है कि ओमकार और भजन लाल ने ही प्यारे से 2.80 लाख रुपये लूट लिए। इसके बाद उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया। 
शव दिखाया अज्ञात, हत्यारोपी को आर्म्स एक्ट में भेजा जेल
बदायूं। बिसौली कोतवाली पुलिस की हत्या के मामले में कारगुजारी सामने आई है। इंस्पेक्टर बिसौली समेत अधिकारी पूरे मामले पर पर्दा डालने में जुटे हुए हैं। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पनौड़ी गांव में मिले प्यारे लाल के शव को पुलिस ने अज्ञात में दर्ज कर मोर्चरी में रखवा दिया। आरोपी को आर्म्स एक्ट में जेल भेज दिया। उसके पास मिले 61 हजार रुपये का भी कोई अता पता नहीं है। 
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बिसौली के पनौड़ी गांव में जुगेंद्र सिंह के ढाबा के पास छह सितंबर को प्यारे लाल का शव मिला था। शक होने पर जुगेंद्र ने ढाबा पर काम करने वाले लोगों के साथ बरेली के थाना आंवला के गांव धर्मपुर निवासी भजन लाल को दबोच कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। बिसौली पुलिस ने भजन लाल से पूछताछ जरूरी नहीं समझी। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि जामा तलाशी में उसके पास से 61 हजार रुपये मिल थे। इतना ही नहीं शव की शिनाख्त की कोशिश किए बिना ही उसे अज्ञात में दाखिल कर मोर्चरी में रखवा दिया और भजनलाल को आर्म्स एक्ट में जेल भेज कर इतिश्री कर ली। अब खुलासा होने पर बिसौली पुलिस बगलें झांक रही है। अधिकारी भी बिसौली पुलिस की कारस्तानी पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।
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