चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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करीब छह साल पहले उझानी की अनाज मंडी में दिनदहाड़े हुई नगर पालिका परिषद के पूर्व सदस्य और तेल व्यापारी राकेश गुप्ता की हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों समेत चार को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चारों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। जुर्माने की आधी रकम मृतक की पत्नी को देने के आदेश दिए गए हैं।
यह चर्चित हत्याकांड 23 सितंबर 2011 की शाम करीब छह बजे हुआ था। उझानी के मोहल्ला भदवारगंज निवासी शशि गुप्ता पत्नी राकेश गुप्ता ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक शशि के पति राकेश और नगर के ही वीरेंद्र गुप्ता के बीच दोस्ती थी। वीरेंद्र का अपने भाइयों से जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद में उसके पति ने वीरेंद्र गुप्ता का साथ दिया था। इसी कारण उनके पति से वीरेंद्र के भाई रंजिश मानते थे। 23 सितंबर की शाम छह बजे वह पति राकेश और भतीजे अमित के साथ पंचमुखी मंदिर में दर्शन करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। जब वे लोग अनाज मंडी के पास बाबू के फड़ के पास पहुंचे तभी विशन कुमार उर्फ पहलवान, संजीव गुप्ता, गोपाल कृष्ण गुप्ता पुत्रगण गुरुदयाल गुप्ता और प्रभात गुप्ता पुत्र विशन कुमार ने तमंचों के बल पर उन्हेें घेर लिया। एक साथ जान से मारने की नीयत ने फायर किए। गोली लगने से उसके पति राकेश घायल हो गए। इलाज के दौरान बदायूं में मौत हो गई।
न्यायाधीश डॉ.कपिला राघव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी विशन कुमार, संजीव गुप्ता, गोपाल कृष्ण गुप्ता और प्रभात गुप्ता को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 20-20 हजार का जुर्माना भी डाला है।