बदायूं के थाना बिनावर के घट बेहटी गांव के पास मुठभेड़ में शहीद हुए दरोगा सर्वेश यादव के हत्यारोपी बदमाश कल्लू यादव की मौत सेप्टिक से हुई है। रविवार को पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि हो गई। मुठभेड़ में कल्लू की बायीं जांघ से गोली आरपार हुई थी। इससे उसके शरीर में जहर फैलता रहा। इलाज के चौथे दिन उसने दम तोड़ दिया। पुलिस नेेे पोस्टमार्टम के बाद उसका शव पड़ोसी और प्रधान के हवाले कर दिया।
दरोगा के हत्यारोपी कल्लू उर्फ कल्यान की मौत की सूचना पर दातागंज स्थित उसके गांव पैरहा से प्रधान व एक पड़ोसी बरेली पहुंचा। दो दिन कल्लू को निजी अस्पताल में भर्ती रखा गया था। उसके साथ बदायूं के पुलिस कर्मी ड्यूटी पर लगे थे। वहां से उसे तीसरे दिन जिला अस्पताल में लाकर भर्ती करा दिया था। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक प्रधान से पुलिस कर्मियों ने कल्लू का निजी अस्पताल में भर्ती रहने वाले समय का बिल भुगतान करने को कहा तो वह अचानक गायब हो गया। होमगार्ड व अन्य ने शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया। इस दौरान प्रधान गायब रहा, जब पोस्टमार्टम की बारी आई तो पुलिस कर्मी कल्लू के पड़ोसी को शिनाख्त के लिए ले आए। पोस्टमार्टम के बाद शव संबंधित थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कल्लू की बायीं जांघ पर गोली आरपार होने का निशान है। गोली लगने के घाव के कारण ही उसके शरीर में सेप्टिक फैला। इसके अलावा उसके शरीर पर कोई भी निशान नहीं पाया गया।