-अटैना घाट के आश्रम में छिपा था
-मेडिकल के बाद मथुरा पुलिस को सौंपा
मथुरा के जवाहर बाग कांड के वांटेड राकेश गुप्ता को आखिरकार बदायूं पुलिस ने अटैना घाट पुल के पास बने एक आश्रम से शुक्रवार दोपहर पकड़ लिया। एसएसपी सुनील सक्सेना ने बताया कि राकेश तीन जून से आश्रम में ही था। शाम छह बजे उसे पुलिस लाइंस लाया गया। यहां अतिथि गृह के एक कमरे में उससे साढ़े चार घंटे गहन पूछताछ की गई। फिर उसे मेडिकल के बाद मथुरा पुलिस के हवाले किया गया। पूछताछ होने तक यहां फोर्स लगाने के साथ मीडिया को भी दूर रखा गया। मथुरा पुलिस और एसटीएफ भी शाम को ही बदायूं पहुंच गई थी।
एसएसपी ने पूछताछ के हवाले से बताया कि राकेश ने घटना के अगले दिन तीन जून की शाम को मथुरा से सीधे बरेली का रुख किया था। तीन जून को वह बरेली से बदायूं आ गया था। बाद में उसहैत चला गया। शुक्रवार दोपहर सूचना मिली थी कि राकेश उसहैत थाना क्षेत्र के अटैना घाट के आश्रम में है। सटीक सूचना पर उसे धर दबोचा। कड़ी निगरानी में उसको पुलिस लाइंस लाया गया। यहां शाम साढ़े छह बजे पहले एसपी सिटी अनिल यादव पहुंचे। उसके बाद मथुरा पुलिस की टीम यहां आ गई। कुछ देर बाद एसएसपी सुनील सक्सेना भी पहुंच गए। राकेश गुप्ता, चंदन बोस और वीरपाल समेत टॉप 20 वांछितों की गिरफ्तारी को एसटीएफ, एसओजी, सर्विलांस टीम के साथ कई जिलों की पुलिस लगी हुई थी।
मथुरा के जवाहर बाग में कब्जा जमाए लोगों के सरगना रामवृक्ष यादव समर्थक टॉप 20 खलनायकों में बदायूं के थाना हजरतपुर के गांव गढ़िया शाहपुर का मूल निवासी राकेश गुप्ता पर जयगुरुदेव के नाम पर चंदा वसूलने और रामवृक्ष यादव को राशन व हथियार सप्लाई करने का आरोप है। मथुरा पुलिस ने उस पर 12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।