भैंसोरा की प्रधान रामबेटी को पति के कातिलों में फरार सुआपाल से जान का खतरा बना हुआ है। उन्होंने इसका खुलासा डीआईजी को भेजी चिट्ठी में किया है। प्रधान को आशंका है कि कातिल नहीं पकड़ा गया तो वह बेटों समेत उसे मार देगा।
कोतवाली क्षेत्र के गांव भैंसोरा की प्रधान रामबेटी के पति शिशुभान की हत्या सरेराह नौ दिसंबर को कर दी गई थी। कातिलों ने शिशुभान के बेटे केशपाल को मरा समझ कर छोड़ा था। हत्याकांड में नामजदों में से विरेश, सुरजीत और आदर्श उर्फ छंगन को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था लेकिन मुख्य पप्पू, रोहताश और पुत्तू सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। नामजदों में शामिल पड़ोसी गांव चौसिंगा का सुआपाल अभी फरार है। एक अन्य हत्याकांड में आजीवन कारावास का सजायाफ्ता सुआपाल हाईकोर्ट से जमानत पर है।
प्रधान रामबेटी ने बताया कि सुआपाल तीन दिन पहले भैंसोरा के पास जंगल में देखा गया। वह दोनों बेटों समेत उसकी हत्या की फिराक में है। प्रधान ने पिछले दिनों इसकी शिकायत तत्कालीन एसएसपी संतोष कुमार सिंह से भी की थी। सुआपाल को नहीं पकड़े जाने को लेकर रामबेटी ने कोतवाली पुलिस की भूमिका को भी संदिग्ध ठहराया है।
बता दें कि प्रधानपति की हत्या लाठियों से पीट-पीटकर की गई थी। इधर, कोतवाल देवराज राठी का कहना है कि फरार सुआपाल की तलाश में कछला चौकी पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला।