गुप्ता दंपति और उमेश यादव मामले में चल रही है जांच
शहर के चर्चित रिटायर्ड इंजीनियर दंपति हत्याकांड और इस्लामनगर थाने के गांव सिठौली से अगवा उमेश यादव मामले में पड़ताल करने के बाद शुक्रवार शाम सीबीआई टीम लखनऊ रवाना हो गई। शुक्रवार को सीबीआई ने निरीक्षण भवन गेस्ट हाउस में मामले से जुड़े गई लोगों से लंबी पूछताछ भी की। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी को दोनों मामलों में कई क्लू मिले हैं।
शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर निवासी रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता (75) और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता (70) के शव आठ अप्रैल 2015 की रात घर की रसोई में मिले थे तो विजेंद्र गुप्ता के बेटे मुकुल गुप्ता को पुलिस ने 2007 में फर्जी मुठभेड़ में मार दिया था। विजेंद्र गुप्ता बेटे के कातिलों को सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। गुप्ता दंपति हत्याकांड का वर्क आउट करने में पुलिस के फेल होने पर जांच सीबीआई को दे दी गई थी। सीबीआई की विशेष अपराध शाखा जांच कर रही है।
दूसरा मामला इस्लामनगर थाने के गांव सिठौली का है। गांव का उमेश यादव पुत्र चंद्रपाल 31 जुलाई 2014 को लापता हो गया था। उमेश के पिता चंद्रपाल का गांव के ही मनफूल यादव से जमीन को लेकर विवाद था। उमेश की मां सत्यवती ने पुलिस के खिलाफ कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया। इस मामले में भी जांच चल रही है। गुरुवार को सीबीआई की विशेष अपराध शाखा के एसपी एसके खरे ने भी बदायूं पहुंच कर पड़ताल की थी। शुक्रवार को डीएसपी वी दीक्षित ने टीम के साथ दोनों मामलों से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की। शाम को टीम लखनऊ रवाना हो गई।