ढाई साल पहले थाना धनारी में हुई थी वारदात
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पाक्सो एक्ट वीरेंद्र कुमार पांडेय ने दोषी को 10 साल की कैद और 31 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दुष्कर्म की वारदात करीब ढाई साल पहले धनारी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। जुर्माने में से आधी रकम बतौर मुआवजा पीड़ित को दी जाएगी।
थाना धनारी (अब संभल जिले में) के एक गांव के व्यक्ति ने छह जुलाई 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसका आरोप था कि उसकी 14 साल की बेटी पांच जुलाई 2014 को सुबह शौच के लिए जा रही थी। रास्ते में गांव के ही रतनपाल और अशोक ने उसकी बेटी को अपने घर में खींच लिया। इसके बाद उसकी बेटी से दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर आरोपी उसकी बेटी को छोड़कर भाग गए। लड़की ने घर पहुंच कर पूरी बात बताई। न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार पांडेय ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने और दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद अशोक को दुष्कर्म का दोषी करार दिया। उसे 10 साल कैद और 31 हजार जुर्माना की सजा सुनाई। दूसरे आरोपी रतनपाल को किशोरी को बंधक बनाने का दोषी पाते हुए उसे एक साल कैद और एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी रामेश्वरी ने की।